औरैया। कार चालक की मौत के मामले में कोतवाली पुलिस ने महिला डॉक्टर उसके पिता पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। युवक ने 12 जून को जहर खाकर जान दे दी थी। जांच के दौरान पुलिस को उसके जेब में सुसाइड नोट मिला था, जिसमें उसने डॉक्टर पर शोषण और प्रताड़ना के आरोप लगाए थे।
शहर के मोहल्ला तिलक नगर स्थित कांशीराम कॉलोनी निवासी रामजी प्रजापति ने कोतवाली पुलिस को बताया कि बेटा सोनू गांव बूढ़ादाना में तैनात आयुर्वेदिक डॉ. नीतू का कार चालक था। 12 जून को बेटे ने जहर खा लिया था। हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल ले गए। वहां से उसे सैफई के लिए रेफर कर दिया गया। वहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मामले में पिता ने पुलिस को तहरीर देते हुए बताया कि कानपुर के घाटमपुर निवासी डॉ. नीतू सिंह व उसके पिता रामऔतार बेटे को काफी समय से प्रताड़ित कर रहे थे। सुसाइड नोट के अनुसार सोनू ने विरोध करने प्रयास किया तो उसे कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर डराया गया। युवक ने अपनी मौत के लिए डॉ. नीतू के साथ उनके पिता को भी जिम्मेदार ठहराया था।
सोनू ने अपनी अंतिम इच्छा में सरकार से दोनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। उसने नोट में अपने फोन का पासवर्ड लिखकर मोबाइल में साक्ष्य होने की बात कही थी। कोतवाल राज कुमार सिंह ने बताया कि पिता की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। जल्द कार्रवाई की जाएगी।
सुसाइड नोट में व्यवस्था पर उठाए सवाल
सोनू ने अपने सुसाइड नोट में व्यवस्था पर भी सवालिया निशान खड़े किए थे। उसने लिखा है, मैं चाहता हूं कि अगर यह सब सिस्टम न बदला तो कोई भी लड़का पैदा न हो। मेरे मरने के बाद अगर कुछ नहीं हुआ तो मैं समझूंगा कि कानून नाम की कोई चीज नहीं है।