बेला (औरैया)। बेला उप डाकघर में गबन के मामले में तत्कालीन उप डाकपाल के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। विभागीय जांच में पुष्टि होने के बाद डाक निरीक्षक दिबियापुर ने बेला थाने में आरोपी सुभाष चंद्र के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
मामला वर्ष 2020 में शुरू हुआ था। तब जांच के बाद आरोपी को निलंबित किया गया था, बाद में वह फिर बहाल हो गया था। विभागीय अधिकारियों के निर्देश पर मामले की दोबारा जांच की जा रही है, साथ ही एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया गया था। दिबियापुर उपमंडल के डाक निरीक्षक आशीष सिंह चौहान द्वारा बेला पुलिस को तहरीर दी गई। इसमें बताया कि वर्ष 2020 में उप डाकघर में वित्तीय अनियमितता हुई थी। 2021 में इस मामले की जांच की गई तो सामने आया कि तत्कालीन उप डाकपाल ने जीवन बीमा योजनाओं का 100302 रुपये सरकारी खाते में जमा नहीं किया।
आरोपी ने डाक विभाग के सॉफ्टवेयर में तो ग्राहकों से प्राप्त धनराशि की प्रविष्टि दिखाई, लेकिन उस पैसे को दैनिक लेखा में दर्ज नहीं किया। ग्राहकों को रसीद तो मिल गई, लेकिन वह पैसा सरकारी खजाने तक पहुंचा ही नहीं। जांच के बाद सुभाष चंद्र को निलंबित कर दिया गया था। बहाल होने के बाद वर्तमान में वह दिबियापुर उप डाकघर में पोस्टमास्टर के पद पर नियुक्त हैं।
पुलिस को सौंपी गई 70 पन्नों की रिपोर्ट में बताया गया है कि आरोपी एक लोक सेवक होते हुए भी धोखाधड़ी और सरकारी अभिलेखों में हेराफेरी का दोषी प्रतीत होता है। प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।