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खाद संकट: कहीं स्टॉक खत्म तो कहीं ताले, मायूस होकर लौटे किसान

Fri, 07 Aug 2026 12:28 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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लाल सिंह
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औरैया। धान, मक्का और बाजरा की फसल में बारिश के साथ ही यूरिया की सबसे अधिक जरूरत है। खाद के लिए किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को किसी समिति पर यूरिया खत्म मिली तो कहीं सचिव के अनुपस्थित रहने से वितरण नहीं हो सका। वहीं कुछ किसानों को कागजों की गड़बड़ी के चलते खाद नहीं मिल पाई। ऐसे में कई किसान घंटों इंतजार के बाद मायूस होकर बिना खाद लिए लौट गए।
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सहकारी समिति सराय प्रथम बिधूना बृहस्पतिवार को बंद रही। यहां सचिव लोकपति त्रिपाठी ने फोन हुई वार्ता पर बताया कि समिति में यूरिया का स्टॉक समाप्त हो गया है। नई खेप आने पर वितरण होगा। रूपपुर कटरा के मजरा बसंतपुर स्थित सहकारी समिति में ताला लटका था। खाद लेने पहुंचे दो किसान बाहर बैठे इंतजार करते मिले। समिति प्रभारी पंकज पाल ने फोन पर बताया कि बुधवार को सर्वर नहीं चलने के कारण खाद का वितरण नहीं हो सका था। बृहस्पतिवार को समिति के कार्य से इटावा जाना पड़ा, तो वितरण नहीं हो पाया।
इससे उलट एरवाकटरा क्षेत्र में किसानों को कागजों के वजह से खाद नहीं मिल पाई। जमीन घर के बुजुर्गों के नाम होने की वजह से उन्हें भी किसान समिति पर लेकर पहुंचे लेकिन आधार में मोबाइल नंबर दर्ज न होने की वजह से बायोमीट्रिक नहीं हो सका। ऐसे में बहुत सारे किसान खाद के लिए परेशान नजर आए।
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औरैया शहर स्थित सहकारी संघ पर खाद का तो पर्याप्त स्टॉक रहा, लेकिन यहां नोटिस बोर्ड पर खाद के लिए फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता ने किसानों को गफलत में डाला। जबकि जिला प्रशासन ने खतौनी व आधार कार्ड पर खाद वितरण देने की ढिलाई कर दी है।
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किसान बोले- नहीं मिली खाद

फोटो-30- रमेश सिंह। संवाद
सराय प्रथम बिधूना की सहकारी समिति पर खाद लेने गए रमेश सिंह ने बताया कि धान की फसल में यूरिया डालना जरूरी है। खाद लेने आए थे, लेकिन समिति बंद मिली। बताया गया कि यूरिया भी खत्म है। अब शुक्रवार को फिर आना पड़ेगा।
पूर्वा देहुली गांव निवासी किसान लाल सिंह ने बताया कि सुबह से खाद लेने आए थे, लेकिन समिति पर ताला लटका मिला। सचिव के बाहर होने की जानकारी दी गई। जिससे उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।
किसान फूल सिंह ने बताया कि सचिव से फोन पर बात हुई तो उन्होंने इटावा में होने की बात कहते हुए अगले दिन आने के लिए कहा लेकिन आज समिति पर किसी के न मिलने से लौटना पड़ रहा है।
एरवाकटरा के राजेश कुमार ने बताया कि पिता बुजुर्ग हैं। वह उनका आधार, खतौनी और अपना आधार लेकर खाद लेने गए लेकिन पिता के आधार में मोबाइल नंबर लिंक न होने से खाद नहीं मिल पाई।
रमपुरा गांव के ध्रुव कुमार ने बताया कि सहकारी समिति पर दो बार मां को लेकर गए लेकिन सर्वर न होने के चलते खाद नहीं मिल सकी। अब जब मां का आधार लेकर गए तो मां को लाने पर ही खाद मिलने की बात कही।

समितियों में स्टॉक खत्म होने के बाद दोबारा भेजने में समय लग जाता है। अगर किसी बुजुर्ग किसान की फॉर्मर रजिस्ट्री में जमीन का रकबा कम है तो वह खतौनी व आधार से परिजन को भेजकर भी खाद ली जा सकती है।
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-दुर्गेश सिंह, जिला कृषि अधिकारी

लाल सिंह

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