लोगो अदालत से ::
- साल 2019 में मेहंदीपुर गांव में हुई विवाहिता की गला दबाकर हत्या
- अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम ने सुनाया फैसला, दोषी भेजे जेल
संवाद न्यूज एजेंसी
कन्नौज। दहेज में बाइक व एक लाख रुपये न मिलने पर पति व ससुर ने मिलकर विवाहिता की गला दबाकर हत्या कर दी थी। कोर्ट ने दोनों आरोपियों दोषी मानते हुए सात-सात साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माने की रकम अदा न करने पर छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
जनपद हरदोई के कस्बा बिलग्राम स्थित मोहल्ला हैदराबाद निवासी रामचंद्र ने नौ मई 2022 को सदर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि उन्होंने अपनी पुत्री लक्ष्मी की शादी 18 जून 2019 को सदर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मेहंदीपुर निवासी विपिन उर्फ ऑपरेटर के साथ की थी। शादी के बाद ससुर अशोक कुमार और पति विपिन दहेज में एक लाख रुपये की नगदी और बाइक की मांग कर लक्ष्मी को प्रताड़ित करने लगे। आठ मई 2022 की रात इन लोगों ने गला दबाकर बेटी की हत्या कर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर दहेज हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर मामले की विवेचना तत्कालीन सीओ सिटी डॉ. प्रियंका बाजपेई को सौंपी। 30 मई 2023 को सीओ ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। इसके बाद साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर पिता-पुत्र को दोष सिद्ध किया गया। सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम पूर्णिमा पाठक ने विपिन उर्फ ऑपरेटर तथा उसके पिता अशोक कुमार को दहेज हत्या में सात-सात साल के सश्रम कारावास, दहेज उत्पीड़न में दोनों को तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास एवं 25-25 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। सजा सुनाए जाने के बाद पिता-पुत्र को न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार अनौगी भेज दिया गया।