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Auraiya News: खेतों में तबाही, फूल झड़े-पौधे टूटे, मानकों में फंसी राहत

Wed, 03 Jun 2026 12:28 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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खेत में तहसनहस पड़े टमाटर के पौधे और खाली जगह में टूटे पड़े टमाटर। संवाद - फोटो : कटकुइयां कला में आयोजित चौपाल में स्टॉल का निरीक्षण करती डीएम।
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औरैया। जिले में पिछले एक सप्ताह से आंधी-तूफान और बारिश ने जमकर तबाही मचाई है। इस तबाही की चपेट में महज उड़द-मूंग की फसलें ही नहीं आईं बल्कि जायद की फसलों में भी भारी नुकसान हुआ है।
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पौधे जहां आंधी-तूफान में तहस नहस हुए हैं। वहीं, इनके फूल भी झड़ गए हैं। पौधे में लगी सब्जियां खेत में ही गिर गई हैं। मुआवजे की राह देख रहे किसानों के आड़े मानक आ रहे हैं। उद्यान विभाग 35 प्रतिशत नुकसान पर मुआवजा देगा, लेकिन अधिकारी महज 5-10 प्रतिशत नुकसान होने की आशंका जता रहे हैं।
आंधी और बारिश के कारण टमाटर, तुरई, लौकी और बैंगन की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों में खड़ी फसलों के फूल झड़ जाने से अब उत्पादन प्रभावित होगा। बिधूना क्षेत्र के रोंदापुर, रामपुर बामपुर, सहासपुर, बेलपुर समेत कई इलाकों में बड़े पैमाने पर सब्जियों की खेती की जाती है। इन क्षेत्रों में टमाटर, तुरई, लौकी और बैंगन की फसलें इस समय खेतों में खड़ी हैं।
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किसानों के अनुसार आंधी और बारिश के चलते फसलों पर आए फूल झड़ गए हैं, इससे उत्पादन चक्र प्रभावित होगा। वहीं, खेतों में ज्यादा नमी और उसके बाद पड़ रही धूप के कारण टमाटर की फसल में सड़न आई गई है। ऐसे में सब्जी उत्पादक किसानों को इस बार बेमौसम बारिश ने भारी नुकसान का झटका दिया है।
किसानों के लिए लागत जुटाना भी मुश्किल होगा। वहीं, मुआवजे की राह देख रहे किसानों के सामने उद्यान विभाग के मानक चुनौती बन रहे हैं। उद्यान विभाग 35 प्रतिशत नुकसान होने पर ही मुआवजा देगा लेकिन विभाग के अनुसार महज 5 से 10 प्रतिशत ही नुकसान हुआ है। ऐसे में अब सब्जी उत्पादक किसानों को सरकारी मदद मिलने की उम्मीद भी खत्म हो गई है।
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बारिश के बाद रोग और कीट का बढ़ेगा प्रकोप
सब्जी की फसलों में नुकसान महज यहीं तक सीमित नहीं है। किसानों के अनुसार बारिश के बाद अब सब्जी की फसलों पर रोग और कीटों का खतरा बढ़ेगा। ऐसे में सब्जियों का उत्पादन न के बराबर होने की आशंका है। जिले में सब्जी का उत्पादन घटने से भाव भी आसमान छूने के आसार हैं।

बोले किसान, सब्जी की फसल घाटे की हो गई
बारिश व आंधी से टमाटर की फसल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़न भी दौड़ गई है। दागी टमाटर का भाव भी नहीं मिलेगा। जल्द खराब हो जाएगा। फसल घाटे की हो गई है। प्रशासन को नुकसान का मुआवजा देना चाहिए।-मोनू शाक्य, रामपुर बामपुर
खेत में बैंगन, तोरई और लौकी की थी। आंधी व बारिश में फूल झड़ गए हैं। पौधे भी तहस-नहस हो गए हैं। दोबारा जब तक फसल दुरुस्त होगी, तब तक सीजन चला जाएगा। ऐसे में लागत भी नहीं निकल पाएगी। प्रशासन को मुआवजे का सर्वे कराना चाहिए।
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उद्यान विभाग की ओर से सब्जी की फसलों में 35 फीसदी नुकसान होने पर मुआवजा दिया जाएगा। हाल ही में आंधी व बारिश से महज 5-10 प्रतिशत नुकसान की बात सामने आई है। यदि कोई किसान आता है तो सर्वे कराते हुए आकलन किया जाएगा। अभी तक मुआवजे को लेकर आवेदन नहीं आया है।
-सुनील कुमार तिवारी, जिला उद्यान अधिकारी







बारिश की संभावना से किसानों की बढ़ी चिंता

बिधूना। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के भीतर बारिश होने की प्रबल संभावना जताई है। इस संभावना के चलते किसानों की चिंता बढ़ गई है। अभी मूंग और उड़द की फसल खेतों में खड़ी है, वहीं कई किसानों की कटी हुई फसल खेतों में पड़ी हुई है। ऐसे में बारिश होने पर फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।



कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ. रामपलट सिंह ने बताया कि मंगलवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सोमवार की तुलना में अधिकतम तापमान में एक डिग्री की बढ़ोतरी और न्यूनतम तापमान में एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, हवा की रफ्तार भी बढ़कर 22 किलोमीटर प्रति घंटा पहुंच गई है। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के दौरान बारिश होने की पूरी संभावना जताई है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आगामी दिनों में बारिश होती है तो खेतों में तैयार खड़ी दलहनी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में किसानों को मौसम विभाग की सलाह के अनुसार फसल की सुरक्षा के उपाय अपनाने चाहिए। (संवाद)

खेत में तहसनहस पड़े टमाटर के पौधे और खाली जगह में टूटे पड़े टमाटर। संवाद- फोटो : कटकुइयां कला में आयोजित चौपाल में स्टॉल का निरीक्षण करती डीएम।

खेत में तहसनहस पड़े टमाटर के पौधे और खाली जगह में टूटे पड़े टमाटर। संवाद- फोटो : कटकुइयां कला में आयोजित चौपाल में स्टॉल का निरीक्षण करती डीएम।

खेत में तहसनहस पड़े टमाटर के पौधे और खाली जगह में टूटे पड़े टमाटर। संवाद- फोटो : कटकुइयां कला में आयोजित चौपाल में स्टॉल का निरीक्षण करती डीएम।

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