औरैया। पराली के निस्तारण को लेकर जिला प्रशासन ने ठोस रणनीति बनाई है। गांव-गांव किसानों से पराली खरीदकर एफपीओ औद्योगिक इकाई को मुहैया कराएंगे। ऐसे में किसानों को पराली में आग लगाने की जहमत नहीं उठानी पड़ेगी। उन्हें पराली का भाव भी मिलेगा। प्रदूषण भी थमेगा।
कलक्ट्रेट स्थित मानस सभागार में मंगलवार को डीएम बृजेश कुमार की अध्यक्षता में उद्योग बंधु व एमओयू क्रियान्वयन समिति की बैठक हुई। बैठक में औद्योगिक विकास और पराली प्रबंधन को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। इसमें पराली की बड़ी खरीद का फैसला लिया गया। औद्योगिक इकाई के तौर पर वेदान्त एग्रोटेक संयंत्र को प्रतिवर्ष 5 से 7 लाख टन पराली की आवश्यकता है।
डीएम ने जिला कृषि अधिकारी को एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) के जरिये कार्य योजना बनाकर पराली उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्लास्टिक सिटी में स्थानीय कार्यालय न होने से आ रही समस्याओं पर उपायुक्त उद्योग को शासन को पत्र भेजने के निर्देश दिए गए। साथ ही विद्युत और यूपीसीडा जैसे विभागों को उद्यमियों की समस्याओं का एक सप्ताह में समाधान करने का आदेश दिया गया। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में स्वीकृत आवेदनों पर जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक को जल्द ऋण वितरित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में एसपी अभिषेक भारती समेत अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।