ककोर (औरैया)। चिचौली के पास स्थित सौ शय्या युक्त जिला अस्पताल को उच्चीकृत किए जाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से अस्पताल के पीछे की जमीन को अधिग्रहीत किया जा रहा है। शनिवार को भूमि अधिग्रहीत करने पहुंची टीम व किसानों के बीच बहस हो गई। किसानों ने प्रशासन पर बिना मुआवजा दिए ही उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। बाद में पहुंची पुलिस ने किसानों को हटाया और काम शुरू करा दिया।
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने के लिए कृषि मंत्री लाखन सिंह राजपूत के प्रयासों से मेडिकल कालेज का निर्माण व सौ शय्या युक्त जिला अस्पताल के उच्चीकरण के लिए जमीन अधिग्रहण का काम जारी है। शनिवार को नायब तहसीलदार पुलिस बल के साथ सौ शय्या युक्त जिला अस्पताल के पीछे स्थित चिह्नित जमीन की नापजोख व समतलीकरण कराने के लिए पहुंचे। मौके पर पहुंचे महबूब खां निवासी गांव चिचौली, जंग बहादुर, रानी देवी निवासी गांव बमुरीपुर, शोभा रानी, सुखदेवी व सुधीर निवासी धमसैनी ने काम रोकने को कहा। टीम से कहासुनी होने लगी। पीड़ितों का कहना है कि उन लोगों को जमीन का मुआवजा नहीं दिया गया। महबूब खां ने एसडीएम सदर को शिकायती पत्र दिया है। जिसमें बताया कि उसकी मौजा धमसेनी में गाटा संख्या 205 में जिला अस्पताल के पीछे जमीन है। बिना सूचना दिए ही उसकी जमीन पर जेसीबी से खुदाई चालू कर दी गई। पीड़ित ने एसडीएम से खेत की नापजोख करवाकर उचित मुआवजा देने के बाद निर्माण कार्य कराने की गुहार लगाई है। मौके पर पुलिस के पहुंचने के बाद काम शुरू हो सका।
जिम्मेदार बोले
किसी की भी जमीन पर जबरन कब्जा नहीं किया जा रहा है। सरकारी अभिलेखों में जो जमीन दर्ज है, वही अधिगृहीत की जा रही है। इसके अलावा जिस काश्तकार की जमीन ली जा रही है उसका सहमति के आधार पर बैनामा करवाकर मुआवजा दिया गया है। यदि कोई आरोप लगा रहा है तो यह गलत है। - पवन कुमार, नायब तहसीलदार