फोटो -23- ककोर मुख्यालय में धरने पर बैठे भाकियू के लोग। संवाद
फोटो-24 किसानों को जानकारी देते डिप्टी सीवीओ। संवाद
= बोले- मुंहपका, खुरपका की वैक्सीन लगी ही नहीं तो 2.47 लाख वैक्सीन गई कहां
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। विकास भवन सभागार में बुधवार को आयोजित किसान दिवस में किसानों ने पशुपालक विभाग के डिप्टी सीवीओ से पूछा कि एफएमडी यानि मुंहपका, खुरपका की वैक्सीन लगी ही नहीं तो 2.47 लाख वैक्सीन गई कहां, इसके अलावा तेजी से बढ़ रहे लंपी वायरस के बारे में किसानों को जानकारी तक नहीं दी जा रही है।
दोपहर 12:15 बजे कृषि अधिकारी दुर्गेश सिंह की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन हुआ। इसमें 40 से 50 किसानों ने हिस्सा लिया। पशुपालक विभाग के डिप्टी सीवीओ मंच के नीचे किनारे पर बैठकर किसानों को टीकाकरण के बारे में जानकारी दे रहे थे। इसी बीच किसान विपिन सिंह ने उनसे मंच पर आकर जानकारी देने की बात कही। डिप्टी सीवीओ ने किसानों से साझा किया कि जिले में मुंहपका की वैक्सीन 2.47 लाख जानवरों को लगाई जा चुकी हैं। यह सुनकर किसान भड़क गए, उन्होंने अछल्दा क्षेत्र के पूर्वा सूजन गांव में पांच साल से पशु चिकित्सक न आने का उदहारण देते हुए कहा कि किसी भी जानवर को वैक्सीन नहीं लगाई गई है। इस पर सभी किसानों ने एकजुट होते हुए हाथ उठाकर अपना समर्थन दिया। इसके बाद डिप्टी सीवीओ ने कहा कि जिनके जानवरों को वैक्सीन नहीं लगी वह टोल फ्री नंबर 1962 पर सूचना दे दें। इस पर किसान विपिन बोलें, ऐसे तो सिर्फ शिकायतकर्ता के जानवर को वैक्सीन लगा दी जाएगी, लेकिन अन्य किसानों का क्या होगा।
अधिकारी ने लिखित शिकायत मांगी है। इसी तरह लंपी वायरस पर डिप्टी सीवीओ बोले कि कानपुर व इटावा के पशुओं में लंपी वायरस मिला है। जिले में 48 हजार वैक्सीन आ चुकी हैं। इसमें से 24 हजार लगाई जा चुकी हैं। यह सुनते ही किसान फिर से भड़क गए। उन्होंने सवाल किया कि गांवों में फर्जी तरीके से हस्ताक्षर करवा कर कोरम पूरा किया जा रहा। किसानों को लंपी वायरस के बारे में जानकारी ही नहीं है, न ही पशुपालक ने जागरूकता अभियान चलाया।
विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता को किसानों ने विद्युत कटौती पर घेरा कहा कि समय पर बिजली नहीं मिल रही है। इस समय किसानों को पानी की बहुत जरूरत है। किसानों ने पूरे जनपद में कटौती की स्थिति पूछी तो अभियंता सिर्फ दिबियापुर व औरैया की स्थिति ही बता पाए।
कार्यक्रम की शुरुआत में कृषि अधिकारी ने बीज के बारे में किसानों को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कृषि यंत्रों को सभी किसान घर पर ही रखें, उनका जल्द ही सत्यापन कराया जाएगा। इसके बाद जिला उद्यान अधिकारी ने आलू से जुड़ी जानकारियां साझा कीं।
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नहीं पहुंचे अधिकारी, धरने पर बैठे किसान
ककोर। किसान विशाल तिवारी, केशव यादव, ध्यान सिंह, गिरिश सिकरवार, पुत्तीलाल सहित अन्य लोगों का आरोप है कि सिंचाई विभाग, विपणन, नलकूप, नाबार्ड से भी कोई नहीं था। इटावा व भोगनीपुर प्रखंड सिंचाई विभाग के आते ही नहीं है। इससे नाराज होकर किसान कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठ गए। 45 मिनट धरने पर बैठने के बाद एडीएम वित्त एवं राजस्व को ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना है कि पानी की अभी जरूरत है, अधिकारी नहीं आएंगे तो किससे अपनी समस्या बताएंगे। वहीं, कृषि अधिकारी दुर्गेश सिंह ने बताया कि सिंचाई विभाग, विपणन, नलकूप, नाबार्ड के प्रतिनिधि आए थे। एलडीएम के प्रतिनिधि से देरी से पहुंचे थे। इटावा व भोगनीपुर प्रखंड सिंचाई विभाग के जनपद में नोडल अधिकारी हैं। इसलिए दोनों जिलों के अधिकारी नहीं आते।
ककोर मुख्यालय में धरने पर बैठे भाकियू के लोग। संवाद