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Auraiya News: डीएपी के लिए सुबह से लाइन में लगे किसान, दोपहर तक नहीं मिली, हंगामा

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- अजीतमल, अछल्दा, रुरुगंज व एरवाकटरा में मारामारी
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- दूर-दराज के किसानों को खाद के बदले मिल रही परेशानी

संवाद न्यूज एजेंसी

औरैया। किसानों को अपनी फसल के लिए डीएपी खाद नहीं मिल पा रही है। इससे किसानों को भारी किल्लत झेलनी पड़ रही है। डीएपी खाद लेने पहुंच रहे किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। किसानों की समिति पर नोकझोंक भी हो रही है। अछल्दा में शुक्रवार को काफी देर तक तकरार चली। कई किसान निराश होकर लौट गए। खाद न मिलने पर किसानों को अपने गेहूं की पैदावार कम होने की आंशका सता रही है। दूसरी तरफ संबंधित जिम्मेदारों का तर्क है कि शासन स्तर से उपलब्धता के मुताबिक ही वितरण हो रहा है।



घंटों लगे रहे लाइन में, नहीं मिली खाद
अछल्दा। किसानों को मांग के अनुसार खाद नहीं मिल पा रही है। बृहस्पतिवार को खाद मिलने की सूचना पर अछल्दा ब्लॉक के सहकारी संघ नौनिकपुर में किसान शुक्रवार भोर से लाइन में लगे किसानों को दोपहर तक खाद नहीं मिली। इस पर मायूस होकर लौट गए, वहीं कई किसानों ने हंगामा किया। संघ के प्रभारी निगमचंद्र के पहुंचने पर खाद का वितरण शुरू किया। हंगामा व धक्का-मुक्की बढ़ने की सूचना पर उपनिरीक्षक अवधेश सिंह मय फोर्स के संघ पर पहुंचे और किसानों को समझाने लगे।
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बोले अछल्दा क्षेत्र के किसान

नौनिकपुर गांव निवासी शिवमंगल सिंह का कहना है कि दो दिन से लगातार संघ पर डीएपी लेने के लिए आ रहे हैं। लेकिन खाद नहीं मिल पा रही है। खेत जुता पड़ा है। डीएपी न मिलने से बुवाई मे देरी हो रही है।

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फोटो-08एयूआरपी 11- मंजुल। संवाद
नौनिकपुर गांव निवासी मंजुल का कहना है कि समिति के वह लोग मेंबर है। लेकिन उन्हें खाद नहीं दी जा रही है। दो दिनों से सुबह से लाइन में लग रहे हैं। लेकिन खाद नहीं मिल रही है।

अजीतमल समिति पर डीएपी खाद की किल्लत, किसान परेशान
अजीतमल। साधन सहकारी समिति अजीतमल (बीपेक्स अजीतमल) पर शुक्रवार को डीएपी खाद की किल्लत देखने को मिली। समिति पर यूरिया खाद का स्टॉक तो मिला, लेकिन डीएपी खाद नहीं है। इससे किसानों को अपने गेहूं की पैदावार कम होने की आंशका सता रही है। साधन सहकारी समिति अजीतमल के सचिव अवधेश कुमार ने बताया कि यूरिया खाद का उनके पास अभी 197 बोरी का स्टाॅक है, लेकिन डीएपी खाद का स्टॉक खत्म हो गया है। उन्होंने बताया कि अक्तूबर माह में 300 बोरी डीएपी व 300 बोरी एनपीके की आई थी। इसका वितरण हो चुका है। अब स्टॉक आएगा तभी वितरण किया जाएगा।


चकसत्तापुर गांव निवासी किसान विजय सिंह ने बताया कि वह डीएपी खाद लेने आए हैं। यूरिया की पांच बोरी तो मिल गई है, लेकिन डीएपी खाद नहीं मिल पा रही है। इससे समस्या हो रही है। गेहूं की फसल डीएपी के बिना खराब हो रही है।
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फोटो-08एयूआरपी 14- बृजेश कुमार। संवाद
गांव दरवासपुर निवासी किसान बृजेश कुमार ने बताया कि वह अपनी फसल के लिए डीएपी खाद लेने आए हैं। लेकिन समिति पर कोई खाद उपलब्ध न होने के चलते भारी समस्या पैदा हो रही है। जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।

गांव बाबरपुर निवासी रामकेवट ने बताया कि उनके पास एक एकड़ खेत है। जिसमें गेहूं की फसल की थी। इसके लिए एक बोरी डीएपी खाद लेने आया था। लेकिन यहां खाद उपलब्ध न होने के चलते फसल को नुकसान हो रहा है।


रुरुगंज। क्षेत्र की रुरुकला साधन सहकारी समिति में शुक्रवार को ताला जड़ा मिला। यहां पर सन्नाटा देखने को मिला। पूछने पर समिति के सचिव मुनेश्वर सिंह ने बताया कि गेहूं की फसल के लिए अब तक 600 बोरी डीएपी किसानों को वितरित की गई है। जल्द ही खेप आने पर वितरण शुरू कराया जाएगा।


सहार। साधन सहकारी समिति सहार की सचिव मधु जायसवाल ने बताया कि शुक्रवार को 300 बोरी डीएपी आई हैं। 145 बोरी यूरिया उपलब्ध है। जिसका वितरण शनिवार सुबह 10 बजे से किया जाएगा।


एरवाकटरा। साधन सहकारी समिति एरवाकटरा के सचिव जयराम यादव ने बताया कि गेहूं की फसल को लेकर अब तक कुल 900 बोरी डीएपी किसानों को वितरित की जा चुकी है। 30 अक्तूबर से समिति पर खाद नहीं है। खाद मुहैया हो जाने के बाद किसानों को वितरण शुरू कराया जाएगा।
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बोले जिम्मेदार
इफको की 1200 मीट्रिक टन डीएपी आने वाली है। आईपीएल खाद की भी एक रैक 15 नवंबर तक आ जाएगी। आरसीएफ व चंबल फर्टिलाइजर की रैंकें भी आ रही हैं। लगातार रैंकें आने के साथ ही खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो जाएगी। किसानों की भीड़ उमड़ने के चलते कुछ हद तक वितरण में मुश्किलें आ रही हैं।’-शैलेंद्र कुमार वर्मा, जिला कृषि अधिकारी
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