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किसानों को ड्रम सीडर तकनीक से अवगत कराया

Mon, 22 Jun 2015 12:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, औरैया
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अब किसानों को धान की फसल उगाने से पहले नर्सरी लगाने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। कृषि विज्ञान केंद्र के सहयोग से उन्नतिशील किसान शिवराज सिंह राजपूत ने ब्लाक भाग्यनगर के ग्राम मक्खनपुर में बिना नर्सरी उगाए फसल तैयार करने के लिए नवीनतम तकनीक ड्रम सीडर का इस्तेमाल किया।
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इस विधि के माध्यम से सीधे खेत में पडलिंग करके बुवाई कराई गई।


 
कृषि विज्ञान केंद्र परवाहा के वैज्ञानिक डा. अनंत कुमार ने कहा कि अभी तक धान फसल के लिए किसानों को नर्सरी डालनी पड़ती है। इसके बाद नर्सरी से पौधा उखाड़कर पौध खेतों में लगानी पड़ती है। इससे अतिरिक्त खर्चा आता है। उन्होंने बताया कि ड्रम सीडर के माध्यम से सीधे खेतों में पडलिंग करके मशीन से बुवाई की जाती है।


इस विधि से न तो नर्सरी तैयार करने का झंझट होता है और न ही पौध उखाड़कर दोबारा लगाने का ही झंझट। इस विधि में पानी की भी कम खपत होती है। इस विधि से खेती करने से लगभग पांच से छह हजार रुपये प्रति एकड़ की बचत होती है।
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पीआई कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक राजीव यादव ने बताया कि ड्रस सीडर से बुवाई करने के 25 दिन बाद खरपतवार नियंत्रण के लिए नोमनी गोल्ड की 80.120 मिली लीटर प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करें।
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