कंचौसी। ठंड की शुरुआत होते ही ट्रेनों की चाल भी धीमी होना शुरू हो गई है। मंगलवार को फरक्का एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से पांच घंटे की देरी से कंचौसी रेलवे स्टेशन पहुंची। इसके अलावा ऊंचाहार समेत दूसरी ट्रेनें भी अपने समय से देरी से आईं। इस कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मालूम हो कि ठंड का मौसम शुरू होने से पहले रेलवे सितंबर और अक्टूबर के अंतिम चरण में ट्रैक दुरुस्तीकरण व मेंटेनेंस का कार्य पूरा कर लेता है। ताकि कोहरे और ठंड में ट्रेनों की चाल सुस्त ना हो, लेकिन शुरूआत में ही ट्रेनों की लेटलतीफी शुरू हो गई है। इससे विभिन्न स्टेशनों की यात्रा करने वाले लोगों को इससे घंटों इंतजार करना पड़ जाता है। यात्रियों के मुताबिक भटिंडा से मालदा टाउन होकर बालुरघाट जाने वाली फरक्का एक्सप्रेस का कंचौसी आने का रोजाना तड़के चार बजे का समय निर्धारित है। मंगलवार को यह ट्रेन सुबह 9 बजे के बाद स्टेशन पहुंची।
इस ट्रेन में सवार कानपुर, उन्नाव, लखनऊ, अयोध्या, सुल्तानपुर, जौनपुर, बनारस, पटना आदि जगहों पर जाने वाले यात्रियों को लेट होने से परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों ने बताया ट्रेन के देरी से पहुंचने के कारण परेशानी हो रही है। इसी तरह चंडीगढ़ से प्रयागराज जाने वाली ऊंचाहार एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 30 मिनट की देरी से पहुंची। इस कारण कानपुर, उन्नाव, फतेहपुर, प्रयागराज, बिंदकी व ऊंचाहार जाने वाले यात्री परेशान हुए। वहीं, टूंडला कानपुर मेमू एक घंटे और कानपुर इटावा मेमू 20 मिनट की देरी से रेलवे स्टेशन पर पहुंची। इससे इटावा, अछल्दा, रूरा, पनकी धाम, गोविंदपुरी, झीझक जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस संबंध में स्टेशन अधीक्षक दरबारी कुमार ने बताया कि ट्रेनें पीछे के स्टेशनों से लेट चल रहीहैं। ट्रेन लेट होने की जानकारी यात्रियों को पूछताछ केंद्र से दी जा रही है।