कंचौसी। कोहरे के कारण बुधवार को फरक्का व ऊंचाहार एक्सप्रेस समेत पैसेंजर व मेमू ट्रेनें घंटों देर से चलने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
यात्रियों ने बताया कि भटिंडा से मालदा टाउन होकर बालुरघाट जाने वाली फरक्का एक्सप्रेस का कंचौसी आने का समय तड़के चार बजे का निर्धारित है। बुधवार को यह ट्रेन सुबह 8.30 बजे के बाद स्टेशन पहुंची। इस ट्रेन में सवार कानपुर, उन्नाव, लखनऊ, अयोध्या, सुल्तानपुर, जौनपुर, बनारस, पटना आदि जगहों पर जाने वाले यात्रियों को लेट होने से परेशानी का सामना करना पड़ा।
इसी तरह चंडीगढ़ से प्रयागराज जाने वाली ऊंचाहार एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से साढ़े पांच घंटे की देर से पहुंची। इस कारण कानपुर, उन्नाव, फतेहपुर, प्रयागराज, बिंदकी व ऊंचाहार जाने वाले यात्री परेशान हुए।
वहीं, टूंडला -कानपुर मेमू बीस मिनट और कानपुर -इटावा मेमू डेढ़ घंटे, इटावा -कानपुर मेमू दो घंटे और शिकोहाबाद-कानपुर मेमू तीस मिनट की देरी से स्टेशन पहुंची। इससे इटावा, अछल्दा, रूरा, पनकी धाम, गोविंदपुरी व झींझक जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
इस संबंध में स्टेशन अधीक्षक दरबारी कुमार ने बताया कि कोहरे के कारण ट्रेनें पीछे के स्टेशनों से लेट चल रही हैं। ट्रेन लेट होने की जानकारी यात्रियों को पूछताछ केंद्र से दी जा रही है। (संवाद)
अछल्दा में महानंदा व कंचौसी में खड़ी रही हमसफर एक्सप्रेस
अछल्दा/कंचौसी। जिले के अछल्दा व कंचौसी रेलवे स्टेशन में बुधवार को दो सुपर फास्ट ट्रेनें 10 से 25 मिनट तक स्टेशनों पर खड़ी रहीं। इनमें महानंदा एक्सप्रेस पाता स्टेशन के पास ब्लॉक लगा होने से रोकी गई। वहीं, कंचौसी में कोहरे के कारण हमसफर एक्सप्रेस खड़ी रही।
बुधवार दोपहर लगभग 1.40 बजे इटावा से कानपुर की ओर जा रही महानंदा एक्सप्रेस को 25 मिनट के लिए अछल्दा रेलवे स्टेशन पर रोका गया। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में इस ट्रेन को 2.05 बजे गंतव्य की ओर रवाना किया गया। स्टेशन मास्टर ने बताया कि ब्लॉकहट के चलते ट्रेन रोकी गई थी।
वहीं, कंचौसी में कोहरे के चलते दिल्ली और कानपुर की जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेनें धीमी गति से गुजरीं। जबकि सुबह करीब आठ बजे कानपुर की ओर जा रही हमसफर एक्सप्रेस कोहरे के कारण कम विजिबिलिटी के कारण सिग्नल न मिलने से दस मिनट तक खड़ी रही। (संवाद)
फोटो-23-पाता स्टेशन पर रोकी गई महानंदा एक्सप्रेस व ट्रैक पर बैठे यात्री।संवाद