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Auraiya News: ई-रिक्शा चालक का अंतिम संस्कार न करने पर अड़े परिजन

Sat, 27 Dec 2025 12:12 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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फोटो-14-पिंटू का फाइल फोटो। स्रोत परिजन
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दिबियापुर। सहायल थाना क्षेत्र के सौथरा-सहायल मार्ग पर बृहस्पतिवार की सुबह पुरवा बक्सा गांव के पास ई-रिक्शा चालक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
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शुक्रवार की सुबह मृतक के परिजन शव लेकर सड़क जाम करने निकले पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया। परिजन अंतिम संस्कार न करने की बात कहते रहे, बाद में पुलिस से कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद मान गए। तनाव की स्थिति को देखते हुए गांव में पुलिस फोर्स तैनात किया गया है।

बृहस्पतिवार देर रात पोस्टमार्टम होने के बाद सतीश उर्फ पिंटू का शव गांव फतेहपुर लाया गया, वहां देर रात तक गांव में पुलिस फोर्स मौजूद रहा। शुक्रवार सुबह एसपी अभिषेक भारती, अपर पुलिस अधीक्षक आलोक मिश्रा भी मौके पर पहुंचे। पुलिस के समझाने के बाद परिजन सतीश के शव को अंतिम संस्कार के लिए कन्नौज मेहंदी घाट पर ले गए। अंतिम संस्कार होने तक पुलिस फोर्स वहीं मौजूद रहा। इस सब के बीच गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
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थाना सहार के प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। उसके शरीर में 315 बोर का कारतूस निकला है। पुलिस ने मृतक के परिजन से पूछताछ की है। इसके अलावा मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। उधर, शुक्रवार की सुबह परिजन शव लेकर सड़क जाम करने निकले पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया। परिजन अंतिम संस्कार न करने की बात कहते रहे, बाद में पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया तो मान गए।

हार थानाक्षेत्र के गांव फतेहपुर निवासी सतीश (30) ई-रिक्शा चालक था। बृहस्पतिवार को बेला-दिबियापुर मार्ग से गांव सौथरा जाने वाले रास्ते में गांव पुरवा बक्सा के पास उसका सड़क किनारे शव पड़ा मिला। उसकी पीठ में गोली लगी थी। पिता की तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ गोली मारकर हत्या कर देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
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नवजात पुत्र का चेहरा भी नहीं देख पाया सतीश
सतीश की शादी पांच साल पहले जालौन थाना कुठौंद के गांव शंकरपुर निवासी गेंदालाल की बेटी रूबी से हुई थी। उसके दो बेटे और एक बेटी है। छोटा बेटा अभी 22 दिन पहले ही हुआ था। पत्नी के मायके में होने के चलते वह अपने बेटे को देख भी नहीं सका था। 27 दिसंबर को वह ससुराल से पत्नी और बच्चों को लाने की तैयारी में था। वारदात के बाद परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
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