बैट्र्ी फैक्ट्री में पहले धमाके के बाद आग लगी और फिर वहां रखे दो अन्य सिलेंडर भी तेज धमाके के साथ फट गए। एक के बाद एक तीन धमाके ने दिबियापुर को दहला दिया। लोग घर छोड़कर खुले की ओर भाग निकले। इस बीच आग बुझाने में लगे लोगोें के झुलने की सूचना से अफरा-तफरी मच गई।
बैट्री फैक्ट्री में पहला धमाका भी सिलेंडर फटने से ही होना बताया जा रहा है। सिलेंडर फटने से आग लगी और इसके बाद वहां रखे दो अन्य सिलेंडर भी फट गए।
अखिलेश पोरवाल उर्फ पटे पुत्र श्याम मनोहर, रोहित यादव पुत्र ऊदल सिंह, दिनेश पुत्र जगदीश, विमला पत्नी ओमप्रकाश, धर्मेंद्र उर्फ दीपू पुत्र सेवाराम, श्यामू पुत्र दशरथ, वीरेंद्र पुत्र सेवाराम, अभिषेक पुत्र वीरेंद्र, सुनील पुत्र छोटेलाल, मोहित पुत्र गोपी, गोपी पुत्र राजाराम, हीरालाल पुत्र भुट्टी, राजू यादव दो दर्जन लोग झुलस गए।
इन सभी को दिबियापुर सीएचसी में भर्ती कराया गया। जबकि तमाम झुलसे लोगों के परिजन अपने संसाधनों से औरैया एवं सैफई चिकित्सालय ले गए। मौके पर पहुंचे तहसीलदार रामनयन, कानूनगो केशवकुमार समेत अन्य अधिकारियों ने आग से झुलसे लोगों एवं हुए नुकसान का जायजा लिया।
घटना के बाद चिकित्सा सेवाएं दिखीं पंगु - दिबियापुर (औरैया )। इतनी बड़ी दुर्घटना के बाद जिले की चिकित्सा सेवा पंगु होती दिखी। जहां सीएचसी दिबियापुर में केवल सीएचसी अधीक्षक डा.विमल कुमार दो फार्मासिस्टों आरके मिश्रा एवं एके गुप्ता व वार्डब्वाय उमाशंकर के साथ इतने सारे मरीजों को इलाज करते दिखाई दिए।
वहीं घटना के घंटे भर बाद भी कोई एंबुलेंस नहीं पहुंची। इसके कारण अधिकांश घायल सीएचसी के बाहर ही कराहते दिखाई दिए।