औरैया। कोरोना महामारी में बहुत से लोगों को फेफड़ों और ऑक्सीजन की कमी की समस्या से जूझना पड़ा। कइयों की तो जान भी चली गई। नियमित साइकिल चलाने से फेफड़े तो मजबूत होते ही हैं कई अन्य रोगों से भी निजात मिलती है।
साइकिल चलाने वाले को ऑक्सीजन की कमी जैसी समस्याओं से भी जूझना नहीं पड़ता है। जिले में कई साधन संपन्न लोग केवल सेहत में सुधार रखने के लिए प्रतिदिन चार से सात किलोमीटर तक साइकिल चलाते हैं। ऐसे ही तीन लोगों ने विश्व साइकिलिंग दिवस पर अपने अनुभव साझा किए।
साइकिलिंग से मजबूत होते हैं फेफड़े
तिलक महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष 56 वर्षीय अनिल गुप्ता ने बताया कि प्रतिदिन चार से पांच किलोमीटर साइकिल चलाते हैं। साइकिल चलाने से सांस तेज चलती है। इससे फेफड़े मजबूत होते हैं। साइकिल चलाने वाले ज्यादातर व्यक्तियों को ऑक्सीजन संबंधी समस्या नहीं आती है। सुबह साइकिल चलाने से स्वच्छ हवा (ऑक्सीजन) फेफड़ों तक पहुंचती है।
घुटनों में दर्द की शिकायत नहीं होती
नगर पालिका इंटर कॉलेज से सेवानिवृत्त विनोद अवस्थी ने बताया कि प्रतिदिन पांच से छह किलोमीटर साइकिल चलाते हैं। प्रतिदिन साइकिल चलाने से वह फिट हैं। उन्होंने कहा कि नौकरी से सेवानिवृत्त व्यक्ति घर में बैठ जाता है तो उसको पैरों में दर्द की शिकायत होने लगती है। अन्य शारीरिक समस्याएं भी हो जाती हैं लेकिन नियमित साइकिल चलाने से ऐसी दिक्कतें नहीं होती हैं।
पेट संबंधी शिकायत नहीं हुई
64 वर्षीय व्यापारी गणेश शंकर ने बताया कि शुरू से साइकिल चला रहे हैं। अभी भी प्रतिदिन सात-आठ किलोमीटर साइकिल चला लेते हैं। नियमित साइकिल चलाने का फायदा मिला। दुकान में बैठने और उम्र बढ़ने के बावजूद ब्लड प्रेशर और पेट संबंधी कोई शिकायत नहीं है। इस उम्र में भी बिल्कुल फिट हैं।
डाक्टर बोले
साइकिलिंग करने से पैर की मांस पेशियां मजबूत होती हैं। घुटनों के दर्द की समस्या नहीं रहती है। फेफड़े भी मजबूत होते हैं। इम्युनिटी बढ़ जाती है। यदि आधा घंटे साइकिलिंग कर लेंगे तो जरूरी ऑक्सीजन भी बढ़ेगी। ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादातर लोग इसीलिए सुरक्षित हैं क्योंकि वह मेहनत करते हैं। अस्थमा व हार्ट के गंभीर मरीजों से ग्रसित लोगों को कम साइकिलिंग करनी चाहिए।
-डॉ.शत्रुघ्न कटियार, जनरल फिजिशियन