बिधूना (औरैया)। भीषण गर्मी के चलते गोशालाओं में गोवंश भूख-प्यास और गंदगी से दम तोड़ रहे हैं। अफसरों की उपेक्षा बेजुबानों पर भारी पड़ रही है। कहीं समय से चारा नहीं मिल पा रहा है तो कहीं इलाज के अभाव में गोवंश तड़पते नजर आ रहे हैं। कागजी खानापूरी में जुटे अफसर ग्राम पंचायत अधिकारियों व गोशालाओं की देखरेख करने वाले कर्मियों पर ठीकरा फोड़ रहे हैं। अफसरों की खींचतान में बेजुबान मौत की भेंट चढ़ रहे हैं। मामला संज्ञान में आने के बाद अफसर निरीक्षण के लिए पहुंच तो रहे हैं, लेकिन व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है।
सीन-1: समय सुबह 10:48 बजे
बिधूना ब्लॉक की ग्राम पंचायत डोड़ापुर में बनी अस्थायी गोशाला।
यहां पर एक भी कर्मचारी नहीं था। 35 गोवंश मौके पर मिले, वह भी सूखा भूसा खा रहे थे। पीने का पानी न होने से कई बेजुबान प्यास से तड़पते नजर आए। अंदर जाने पर देखा गया कि दो गोवंश मरे पड़े थे। इनका शव सड़ना शुरू हो गया था। अफसरों की लापरवाही सब कुछ बयां कर रही थी। ग्रामीणों ने बताया कि इसी गोशाला में कुछ दिन पहले एक गाय और मरी थी। ग्राम पंचायत अधिकारी डोड़ापुर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि बुधवार को लगभग चार बजे गोवंश मरे थे। डॉक्टर के न आने के कारण गायों को दफनाया नहीं जा सका।
सीन-2 समय 12:20 बजे
मढोकमीत अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल
यहां 49 गायें मिलीं, जिनमें से मात्र 11 को टैग लगा था। यहां कर्मचारी लालता प्रसाद तो मिले, लेकिन वह भी सरकारी व्यवस्था से नाखुश थे। गोवंशों को सूखा भूसा खिलाया जा रहा था। लालता ने बताया कि तीन दिन में 50 किलो ही दाना दिया जाता है। देखा जाए तो यह दाना एक दिन का ही है, लेकिन अफसरों के कहने पर तीन दिन तक चलाना मजबूरी है। यहां पर भी कई गाय बेसुध पड़ी नजर आईं।
अधिकारी बोले
ब्लॉक क्षेत्र में बने अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल के प्रति ग्राम पंचायत अधिकारी लापरवाही करते मिले तो कार्रवाई की जाएगी। गोशालाओं की देखरेख करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। जहां पर खामियां मिलने की जानकारी है, वहां पर निरीक्षण कर हकीकत जानी जाएगी।- सौरभ श्रीवास्तव, बीडीओ