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14 हजार की आबादी पर एक चिकित्सक

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औरैया। कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर से बचाव की तैयारी में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जुटे हैं। आलम यह है कि संसाधन तो जुटाए जा रहे हैं लेकिन उन्हें संचालित करने के लिए चिकित्सकों की भारी कमी है। चिकित्सकों को कहां से लाएंगे, यह विभागीय अधिकारियों के लिए बड़ा सवाल है। जिले में विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानक के हिसाब से अस्पतालों में चिकित्सकों की तैनाती नहीं हैं। शहर की आबादी के हिसाब से 14 हजार पर मात्र एक चिकित्सक की तैनाती है।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का मानना है कि सामान्य दिनों के लिए प्रति हजार व्यक्ति पर एक चिकित्सक जरूरी है। जिले की आबादी 16 लाख के करीब है। इस हिसाब से कुल चिकित्सक 1600 होने चाहिए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के आंकड़ों के मुताबिक जिले में उनके अधीन कुल चिकित्सकों के 105 पद स्वीकृत हैं। जिसके सापेक्ष 84 पद पर चिकित्सकों की तैनाती है और 21 पद रिक्त चल रहे हैं।
शहर में 50 शैय्या जिला चिकित्सालय स्थित हैं। नगर पालिका परिषद क्षेत्र की आबादी लगभग एक लाख 12 हजार के करीब है। इस हिसाब से यहां अस्पताल में 14 हजार की आबादी पर एक चिकित्सक तैनात है। अस्पताल में शहर के अलावा आस-पास ग्रामीण क्षेत्र के मरीज भी उपचार कराने आते हैं। सामान्य दिनों में यहां प्रतिदिन 600 से ऊपर ही मरीज आते हैं। यहां आंकड़ा कभी-कभी 800 के पार भी जा पहुंचता है।
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24 चिकित्सक सालों से लापता
स्वीकृत पदों में 84 पदों पर चिकित्सक तैनात हैं। जिसमें सात चिकित्सक इन दिनों प्रशिक्षण पर चल रहे हैं। इनके अलावा 24 चिकित्सक वर्षों से लापता हैं। सीएमओ के मुताबिक लापता चल रहे चिकित्सकों को कई बार नोटिस उनके पते पर भेजे गए। लेकिन उनके कोई जवाब नहीं मिले हैं। जिसकी जानकारी विभाग के उच्चाधिकारियों को भी दी जा चुकी है।
50 शैय्या अस्पताल में विशेषज्ञों का टोटा
यहां आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए कई तरह की जांचों के अलावा एक्सरे, इमरजेंसी सेवा की सुविधाएं उपलब्ध हैं। जिसके चलते यहां मरीजों की संख्या सबसे अधिक देखने को मिलती है। यहां वर्तमान में बालरोग विशेषज्ञ, फिजीशियन, नेत्ररोग, रेडियोलॉजिस्ट, हड्डी रोग विशेषज्ञ न होने से मरीजों को अधिक दिक्कतें होती हैं। यहां आने वाले मरीजों की संख्या को देखते हुए चिकित्सकों की संख्या अधिक होनी चाहिए।
पांच चिकित्सकों के हवाले 100 शय्या अस्पताल
दिबियापुर रोड पर चिचौली स्थित 100 शय्या अस्पताल नाम का जिला अस्पताल बन कर रह गया है। यहां पर स्वीकृत 35 पदों में सीएमएस को मिलाकर मात्र पांच चिकित्सक हैं। विशेषज्ञों में बाल रोग, फिजीशियन, महिला चिकित्सक शामिल हैं। यहां पर अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, सीटी स्कैन, पैथोलॉजिकल टेस्ट (जांचे) होतीं हैं। अल्ट्रासाउंड और एक्सरे के लिए रेडियोलॉजिस्ट का दिन निर्धारित है, वे बाहर से आते हैं। चिकित्सक के अभाव में बर्न यूनिट बंद है।
कोविड अस्पताल में भी है स्टाफ की कमी
कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए 100 शय्या युक्त चिकित्सालय में बनाए गए कोविड अस्पताल में चिकित्सकों व कर्मचारियों की कमी है। पदों के सापेक्ष आधे चिकित्सक ही तैनात हैं। चिकित्सकों व अन्य पदों पर भर्ती के लिए आवेदन किए गए हैं। जिन्हें नहीं भरा जा सका है।
अधिकारी बोले
जिले में चिकित्सकों की कमी है। जिसके संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। प्राइवेट तौर पर चिकित्सकों की भर्ती के प्रयास भी जारी है। इसके लिए कई बार साक्षात्कार हुए। लेकिन चिकित्सक ड्यूटी करने नहीं आए। चिकित्सक की कमी को दूर करने के प्रयास लगातार जारी हैं। - डॉ. अर्चना श्रीवास्तव, सीएमओ
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