अछल्दा (औरैया)। नहर में कार गिरने से तीन लोगों की मौत की घटना जिम्मेदारों की लापरवाही से हुई। नहर की पटरी पर एक तरफ गोबर के ढेर लगे थे तो वहीं दूसरी तरफ पटरी पूरी तरह कटी हुई थी।
यही कारण रहा कि कार नहर में चली गई। वहीं पुलिस चालक को झपकी आने की भी आशंका जता रही है। हादसे के दौरान कार में मिले शवों की स्थिति देख पता चला है कि कार घी कारोबारी राजीव गुप्ता चला रहे थे, जबकि उनकी पत्नी और बेटा पीछे बैठे थे।
इस हादसे के बाद प्रशासन मौके पर पहुंचा। वहां सड़क किनारे ग्रामीणों द्वारा अतिक्रमण मिला। ठीक उस जगह पर कार नहर में गिरी उस जगह पर एक तरफ गोबर डालकर लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। वहीं दूसरी तरफ सड़क के बाद पटरी बची ही नहीं है। रोड इतना संकरा हो गया है कि यहां दो वाहन नहीं निकल सकते। आशंका है कि किसी वाहन को पास देने के लिए कार को जैसे ही एक तरफ किया गया तो वह सीधे नहर में जा गिरी।
वहीं दूसरी तरफ पुलिस चालक को नींद आने की भी आशंका जता रही है, जिससे यह हादसा हो गया। उधर, सिंचाई विभाग के अफसर वहां पहुंचे। मौके पर पहुंचे सहायक अभियंता सुभाष चंद्र ने मामले की जांच की। इसके बाद जानकारी विभाग के अफसरों को दी। वहीं घटना के बाद ग्रामीण पटरी पर पड़ा गोबर हटवाते नजर आए।
घर बंद कर गया था परिवार
ककोर। राजीव अपनी पत्नी मधु गुप्ता (56) और बेटे शुभम (27) के साथ कार से दिबियापुर में रिश्ते की भांजी के मांगलिक कार्य में शामिल होने के लिए आए थे। रिश्तेदारों के अनुसार राजीव दिबियापुर निवासी ममेरी बहन मीनू व बहनोई अशोक गुप्ता घर उनकी बेटी के मांगलिक कार्य में शामिल होने गए थे। राजीव अपने घर में ताला लगाकर शादी में गए थे।
राजीव चार भाई और दो बहनों में तीसरे नंबर के थे। वहीं शुभम भी चार भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसकी बड़ी बहन मोहिनी की शादी कस्बा भरथना व बड़े भाई मोहन की शादी भोपाल में हुई है। मोहन दिल्ली में बाइक रेंट कंपनी में काम करता है। तीसरे नंबर की बहन सौम्या दिल्ली में स्त्री रोग विशेषज्ञ है। हादसे की जानकारी के बाद बेटा मोहन व बेटी डॉ. सौम्या दिल्ली से रवाना हो गए।
उधर, नहर से शवों को निकालने के बाद पहले उन्हें सीएचसी अछल्दा ले जाया गया। वहां सूचना पर रिश्तेदार व अन्य परिजन मौके पर पहुंचे। तीन शव देख अस्पताल में चीख पुकार मच गई।
कार देख बचाने के लिए कूद गए सिपाही
हादसे की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक पंकज मिश्रा फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। जांच में नहर के अंदर कार की पुष्टि होने के बाद उनके साथ मौजूद सिपाही धीरज व नीरज नहर में कूद गए। बाद में ग्रामीणों से रस्सा मंगाया गया। कार में रस्सा फंसा नहर में कूदकर सिपाहियों व थाना प्रभारी निरीक्षक ने कार निकालने का प्रयास किया।
सहायक अभियंता के साथ मौके पर भेजा गया था। सड़क किनारे अतिक्रमण की बात सामने आई है, इसे चिह्नित कर लिया गया है। संबंधित लोगों को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही अभियान के तहत कार्रवाई की जाएगी।
-संजय कुमार, अधिशाषी अभियंता, सिंचाई विभाग
45 मिनट का था सफर, बीच में मौत ने मारा झपट्टा और छीन लीं तीन जिंदगियां
औरैया। राजीव गुप्ता बुधवार रात 12 बजे जब दिबियापुर से निकले तो किसी को नहीं पता था कि कुछ दूरी पर ही उनकी जिंदगी के साथ-साथ पत्नी और बेटे की जिंदगी का सफर खत्म हो जाएगा। करीब 45 मिनट के सफर में बीच ही मौत ने उन पर झपट्टा मारा और तीनों की जिंदगी छीन ली। रिश्तेदारों को लगा था कि बस कुछ ही देर में पूरा परिवार घर पहुंचाएगा, इसीलिए किसी ने उन्हें रात में रोकने की कोशिश भी नहीं की।
बुधवार शाम को करीब साढ़े सात बजे राजीव गुप्ता अपनी पत्नी मधु और बेटे शुभम के साथ दिबियापुर के लिए निकले थे। करीब 35 किलोमीटर की यह दूरी 45 मिनट में ही कार से तय कर वह दिबियापुर पहुंचे। यहां रिश्ते की भांजी की शादी के तेल पूजन के बुलावे में पूरा परिवार शामिल हुआ। मधु गुप्ता ने मंगल गीत गाए तो वहीं राजीव और शुभम भी खुशियों मनाते रहे। खाना-पीना खाने के बाद रात करीब 12 बजे उन्होंने वापस जाने के लिए कार निकाली।
रात काफी हाे चुकी थी, लेकिन सभी को यही लगता था कि बस 45 मिनट की ही तो बात है। जैसे आए थे, वैसे ही वह घर भी पहुंच जाएंगे, लेकिन, किसी को नहीं पता था कि करीब चंद किलोमीटर की दूरी पर मौत पूरे परिवार का इंतजार कर रही है।
घर से निकलने के बाद करीब आठ किलोमीटर का ही सफर वह तय कर पाए थे कि नहर में कार गिरने से तीनों जिंदगियां खत्म हो गईं। सुबह करीब साढ़े छह बजे ग्रामीणों ने जब नहर में कार को देखा तो पुलिस काे सूचना दी। इसके बाद करीब साढ़े सात बजे कार को निकलवाकर शव बाहर निकाले गए।
नहीं लगा किसी का फोन
दिबियापुर से रिश्तेदारों ने राजीव गुप्ता और शुभम गुप्ता के फोन पर कॉल भी की, लेकिन उनका फोन नहीं लगा। रात काफी हो चुकी थी, इसलिए किसी और को परेशान करना उन्होंने जरूरी नहीं समझा। वहीं, राजीव गुप्ता के परिवार की तरफ से किसी ने कोई फोन नहीं किया। दरअसल, राजीव अपनी पत्नी और बेटे को साथ लेकर घर में ताला लगाकर आए थे। ऐसे में उन्हें लगा कि अब वह अगले दिन ही लौटेंगे।
पुलिस के पहुंचने पर हुई जानकारी
राजीव गुप्ता के परिवार को सुबह आठ बजे तक घटना की कोई जानकारी नहीं थी। करीब साढ़े आठ बजे भरथना स्थित आवास पर पुलिस पहुंची और घटना की जानकारी दी। इससे उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
फोटो-30-घटनास्थल पर सड़क किनारे लगे गोबर के ढेर। संवाद
फोटो-30-घटनास्थल पर सड़क किनारे लगे गोबर के ढेर। संवाद
फोटो-30-घटनास्थल पर सड़क किनारे लगे गोबर के ढेर। संवाद