फोटो-19एयूआरपी01- इमरजेंसी में स्टाफ के साथ वार्ता करते सीएमएस डॉ. अनिल कुमार गुप्ता। संवाद
औरैया। दीपावली त्योहार पर पटाखा चलाते समय बारूद की चपेट में आने की घटनाएं होती हैं। जलन व दमा से लेकर आंख रोगियों के लिए अस्पतालों में विशेष तैयारी की गई है। इमरजेंसी में संबंधित मरीज को उपचार देने के लिए जरूरी डॉक्टर त्वरित पहुंचेंगे। साथ ही साथ उपचार सामग्री भी इमरजेंसी में जुटाई गई है।
आग व बारूद की चपेट में आने वाले लोगों को बर्न यूनिट में उपचार दिया जाता है। वहां उपचार के विशेष इंतजाम रहते हैं। दीपावली त्योहार पर इस तरह के मामले ज्यादा आते हैं। खास तौर पर पटाखा चलने से धुएं से आंखों में जलन व दमा रोगियों को दिक्कत होती है। इन मरीजों को जिले के प्रत्येक अस्पताल की इमरजेंसी में त्वरित उपचार की सुविधा स्वास्थ्य विभाग ने देने के लिए जरूरी संसाधनों को जुटा लिया है। उपचार संबंधी सामग्री से लेकर डॉक्टर व अन्य स्टाफ की उपलब्धता त्योहार पर रहेगी। दमा रोगियों के लिए मशीनों से लेकर जलने वाले मरीजों के लिए क्रीम व मलहम मंगवाए गए हैं।
वहीं, आंख रोगियों के लिए भी सामग्री मंगाई गई है। शहर के जिला अस्पताल से लेकर चिचौली मेडिकल कॉलेज व सीएचसी स्तर पर ये प्रबंध किए गए हैं। रविवार को शहर स्थित जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सीएमएस डॉ. अनिल कुमार गुप्ता स्वयं मौजूद रहे। उन्होंने मरीजों के उपचार से लेकर दवाओं की स्थिति का स्वयं आकलन किया। स्टाफ को निर्देश दिए कि मरीज आने पर त्वरित उपचार दिया जाए। साथ ही साथ आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ डॉक्टर को भी बुलाया जाएंगे। सीएमएस डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि दीपावली त्योहार पर इमरजेंसी में 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएंगी। त्योहार पर जलने, दमा व आंख रोगियों के लिए विशेष प्रबंध किया गया है। सभी सामग्री इमरजेंसी में उपलब्ध है।