फोटो- 37 - इमरजेंसी में भर्ती बच्चे का उपचार करते डॉक्टर। संवाद
औरैया। चिचौली मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार की शाम जूनियर रेजीडेंट इमरजेंसी नहीं पहुंचे थे। इंटर्न के हवाले स्वास्थ्य सेवाएं हो गई थीं। ऐसे में मरीजों को रेफर करने की मजबूरी बढ़ गई थी।
इस पूरे मामले में उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद देर रात जेआर ड्यूटी पर पहुंचे। जिसके बाद स्थिति सामान्य हो सकी। मेडिकल कॉलेज में 20 बेड की इमरजेंसी का संचालन किया जा रहा है। यहां पर जूनियर रेजीडेंट डॉक्टरों की ओर से हड़ताल कर दी गई थी। इमरजेंसी न पहुंचने पर स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी हो गई थी।
इमरजेंसी के नोडल डॉ. रामनिवास ने स्थिति को देखते हुए उच्चाधिकारियों को पूरा मामला बताया। जिसके बाद देर शाम जूनियर रेजीडेंट डॉक्टरों का इमरजेंसी पहुंचना शुरू हुआ। इस हड़ताल के पीछे जूनियर रेजीडेंट की मांगों का हवाला दिया जा रहा था। हालांकि मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इसकी पूरी तस्वीर स्पष्ट की है।
जूनियर रेजीडेंट डॉक्टरों की लगाई गई ड्यूटी में शेड्यूल बिगड़ने पर उनके न पहुंचने की बात सामने आई है। हालांकि शनिवार को इमरजेंसी की स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर रहीं।
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. पवन कुमार शर्मा ने बताया कि जूनियर रेजीडेंट की ड्यूटी लगाने में शेड्यूल बिगड़ने की बात सामने आई थी। जिसे ठीक करा दिया गया है। सोमवार को एक बार फिर से स्टाफ के साथ संवाद किया जाएगा।