औरैया। जनपद में आधी आबादी को व्यवसाय से जोड़ने के लिए स्वयं सहायता समूहों को तकनीकि बिंदुओं पर दक्ष बनाया जा रहा है।
अब इस कड़ी में जिले के आठ सीएलएफ (संकुल स्तरीय संघ) को मॉडल बनाया जाएगा। इसके लिए इन्हें ऑपरेट करने वाली महिलाओं को बकेवर स्थित सरकारी ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
जनपद में 28 सीएलएफ के जरिए 300 से ज्यादा स्वयं सहायता समूहों का संचालन किया जा रहा है। इनमें से आठ सीएलएफ पूंजी संचयन के साथ ही कारोबार में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। ऐसे में एनआरएलएम की ओर से इन आठ सीएलएफ को मॉडल बनाने की तैयारी बनाई गई है। इनके कारोबार को व्यावसायिक विकास योजना से रफ्तार दी जाएगी।
इस योजना के पहले चरण में सीएलएफ को ऑपरेट करने वाली महिलाओं को बकेवर में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके बाद तकनीकि बिंदुओं को स्वयं सहायता समूहों में प्रभावी किया जाएगा। महिलाओं के बनाए गए उत्पादों को स्वदेशी का मंत्र देते हुए बाजार में खपत बढ़ाई जाएगी। यही नहीं बड़े कारोबारियों से इन समूहों को जोड़ते हुए लखपति दीदी प्रोजेक्ट को बृहद किया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद मई से यह काम शुरू हो जाएगा।
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जिले के आठ सीएलएफ को मॉडल बनाने के लिए बकेवर में प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। व्यावसायिक विकास योजना के तहत इन सीएलएफ को कारोबार के क्षेत्र में बढ़ावा दिया जाएगा।-एसएन सिंह, डीसी एनआरएलएम