औरैया। जनपद के छह केंद्रों पर सोमवार को होमगार्ड भर्ती परीक्षा दो पालियों में संपन्न हुई। पेपर देखते ही अभ्यर्थियों के पसीने छूट गए। जीएस के साथ आविष्कार व पुरस्कार के सवालों ने अभ्यर्थियों को खूब छकाया।
दो घंटे का समय भी अभ्यर्थियों के लिए कम पड़ गया। पेपर देकर केंद्र से बाहर निकले अभ्यर्थियों ने अपनी कठिनाई साझा की। होमगार्ड भर्ती परीक्षा के तीसरे दिन सुबह की पाली में केंद्रों के बाहर काफी भीड़भाड़ रही। बारी-बारी एक-एक अभ्यर्थी की गहन चेकिंग के बाद केंद्र के अंदर जाने दिया गया।
भारी संख्या में तैनात पुलिस फोर्स भीड़ को दिशा-निर्देश देती रही। चेकिंग के बाद अभ्यर्थियों का बायोमीट्रिक परीक्षण भी किया गया। डीआईओएस कार्यालय में बने कंट्रोल रूम से कक्षों में चल रही परीक्षा पर नजर रखी गई। जिले के प्रशासनिक अधिकारियों ने भी केंद्रों पर पहुंचकर परीक्षा का जायजा लिया।
उधर, सुबह और शाम की पाली में परीक्षा छूटने के बाद सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ा। ऐसे में कुछ हद तक वाहनों का आवागमन अवरुद्ध हुआ। पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए स्थिति पर काबू पाया। औरैया शहर से लेकर दिबियापुर कस्बा में परीक्षा छूटने के बाद जाम की स्थिति बनती रही। सचल दल की टीमों ने केंद्रों पर पहुंचकर चेकिंग की। परीक्षा देकर केंद्र से बाहर निकले अभ्यर्थियों के लिए निकाय स्तर से ठंडे पानी का इंतजाम किया गया। रोडवेज की बसों से लेकर ट्रेनों का अभ्यर्थियों ने सहारा लिया।
बोले अभ्यर्थी, प्रश्न बहुत कठिन थे
जीएस और आविष्कार से जुड़े हुए प्रश्न कठिन थे। हालांकि विज्ञान के सवाल कुछ हद तक आसान रहे।-बृजेश
अंतरराष्ट्रीय मार्गों, सम्मेलन व भूगोल के सवाल कठिन थे। एसएससी से कहीं ज्यादा होमगार्ड परीक्षा का पेपर कठिन रहा।- राखी
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सुबह 618, शाम को 563 ने छोड़ी परीक्षा
होमगार्ड भर्ती परीक्षा के तीसरे दिन सुबह और शाम की पाली के लिए 2496-2496 अभ्यर्थी परीक्षा के लिए पंजीकृत थे। सुबह की पाली में 1878 तो शाम की पाली में 1933 ने परीक्षा दी। सुबह की पाली में 618 और शाम की पाली में 563 ने परीक्षा ही छोड़ दी।
तीसरे दिन भी शांतिपूर्ण व नकल विहीन होमगार्ड भर्ती परीक्षा संपन्न हुई है। किसी भी तरह की शिकायत सामने नहीं आई है। परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर लगातार नजर रखी गई है।
- प्रदीप कुमार मौर्या, डीआईओएस
फोटो-20- परीक्षा देकर केंद्र से बाहर निकलते अभ्यर्थी। संवाद
फोटो-20- परीक्षा देकर केंद्र से बाहर निकलते अभ्यर्थी। संवाद