औरैया। मौसम में बदलाव होने से संक्रमण का खतरा बढ़ा है। अस्पतालों में नाक-कान, त्वचा, उल्टी-दस्त और बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं।
अस्पताल में मरीजों को भर्ती कर इलाज भी किया जा रहा है। सोमवार को जिला अस्पताल में 500 लोगों ने पर्चा बनवाकर डॉक्टरों से परामर्श लिया। चिकित्सकों ने मौसम परिवर्तन के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी।
जिला अस्पताल की ओपीडी में सुबह आठ बजे से लेकर दोपहर तक लंबी लाइन लग रही है। सोमवार को पंजीकरण काउंटर से लेकर दवा वितरण कक्ष तक लाइनें लगी रही। वहीं ओपीडी में भीड़ की वजह से कुछ देर के लिए मरीजों को इंतजार करना पड़ा।
सबसे ज्यादा भीड़ ईएनटी, नेत्र रोग, बाल रोग विभागों में रही। इन विभागों में सामान्य दिनों की अपेक्षा डेढ़ गुने मरीज पहुंचना शुरू हो गए हैं। अस्पताल की नाक, कान, गला की ओपीडी में डॉक्टर मनोज ने बताया कि मौसम में बदलाव की वजह से बीते पांच दिनों से रोगियों की संख्या बढ़ी है।
जहां प्रतिदिन उनके पास औसतन 30 मरीज आ रहे थे। वहीं बीते कुछ दिनों से 40 से 45 मरीज दिखने आ रहे हैं। जिसमें कान बहने वाले मरीजों की संख्या सबसे अधिक रही है। शहर निवासी माधुरी ने बताया कि बीते दो दिनों से उनके कान में तेज दर्द उठने के साथ ही बहने की समस्या है, वहीं शहर निवासी जुबैदा ने बताया कि उनकी नाक से खून बहने लगता है।
डॉक्टर ने बताया कि नाक में अंगुली डालने व नाखून लगने से ऐसी समस्या हो जाती है। धूप से आने के बाद तुरंत ठंडा पानी न पीने की सलाह दी। बारिश की वजह से हवा में नमी होने के कारण त्वचा रोगी भी ओपीडी में परामर्श लेने पहुंचे।
डॉक्टर ने बताया कि बीमारी से बचने के लिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। कान व नाक बहने, सर्दी-जुकाम होने पर खुद से दवा न लें। इसी तरह जनरल वार्ड की ओपीडी में बुखार, डायरिया, उल्टी-दस्त, जी मिचलाना, चक्कर आना आदि रोगों से पीड़ित लोग परामर्श लेने पहुंचे।