संवाद न्यूज एजेंसीऔरैया। जिले में धूपछांव का खेल बुधवार को भी जारी रहा। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अनंत कुमार ने बताया कि यदि 20 मिमी. बारिश हो जाती है तो यह फसलों के लिए बहुत अच्छी साबित होगी।
बूंदाबांदी से बारिश का पानी पौधों की सेहत पर बढि़या प्रभाव डालेगा। नमी बढ़ने से उनकी वृद्धि में तेजी आएगी। हालांकि बदलते मौसम में किसान फसलों की निगरानी नियमित करते रहें। ऐसे मौसम में फसलों में फसलों में कीट व्याधि का प्रकोप बढ़ जाता है। उधर, कुछ दिनों से मौसम में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है।
चार-पांच फरवरी को बारिश के बाद से तापमान में लगातार वृद्धि हो रही थी। सोमवार रात पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से मौसम ने अचानक करवट बदली। पिछले दो दिनों से लगातार दिन के समय आसमान में बादलों के छाने का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर पश्चिमी हिमालयन रीजन में वेस्टर्न डिस्टरबेंस की सक्रियता बढ़ गई है।
इसका असर उत्तर प्रदेश के जिलों में यह सक्रियता तीन से चार दिन बनी रह सकती है। अनुकूल माहौल बनने पर बारिश हो सकती है। इससे तापमान में गिरावट आएगी। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अनंत कुमार ने बताया कि पूर्वानुमान के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। आगामी 48 घंटों में हल्की मध्यम बारिश हो सकती है।