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Auraiya News: छेड़खानी के मामले में डबल जियोपार्डी का तर्क खारिज

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औरैया। अजीतमल कोतवाली क्षेत्र की एक युवती के साथ हुई कथित छेड़खानी और बदसलूकी के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय के महेश कुमार शनिवार को सुनवाई की। कोर्ट ने निचली अदालत के उस आदेश को निरस्त कर दिया है, जिसमें डबल जियोपार्डी का हवाला देकर परिवाद खारिज कर दिया गया था। सत्र न्यायालय ने मामले को पुनः सुनवाई के लिए निचली अदालत को वापस भेज दिया है।
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कस्बे के एक मोहल्ला की युवती ने न्यायालय में परिवाद दायर कर आरोप लगाया था कि 31 मार्च 2025 की सुबह वह घर के बाहर सफाई कर रही थी। आरोप है कि इसी दौरान पड़ोसी साहिल ने उसे अकेला पाकर पीछे से पकड़कर अश्लील हरकतें कीं। विरोध करने पर आरोपी ने धमकी दी। युवती ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। युवती ने निचली अदालत में धारा आवेदन किया था। अधीनस्थ न्यायालय ने परिवाद को खारिज करते हुए तर्क दिया था कि इसी घटना के संबंध में पूर्व में एक मुकदमा पंजीकृत है और उसमें आरोप-पत्र दाखिल हो चुका है। एक ही घटना के लिए दो मुकदमे नहीं चलाए जा सकते, जो डबल जियोपार्डी के सिद्धांत के विरुद्ध है।
निगरानी याचिका पर सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश महेश कुमार ने स्पष्ट किया कि 31 मार्च 2025 की घटना और 2 मई 2025 की घटना दो अलग-अलग तिथियों और समय की हैं। कोर्ट ने कहा कि डबल जियोपार्डी का सिद्धांत तब लागू होता है जब एक मुकदमे का विचारण पूर्ण हो चुका हो और उसमें सजा या दोषमुक्ति हो चुकी हो। कोर्ट ने अपने आदेश में निचली अदालत को निर्देशित किया है कि वह दोनों पक्षों की बहस सुनकर मामले में दोबारा स्पष्ट और न्यायोचित आदेश पारित करें। कोर्ट ने वादिनी और विपक्षी को 10 अगस्त को संबंधित मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है।
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