औरैया। दिबियापुर कस्बे से सटी वैसुंधरा ग्राम पंचायत में करोड़ों रुपये की बेशकीमती जमीन को 1987-88 में चकबंदी के दौरान फर्जी प्रविष्टि के सहारे हथिया लिया था।
यहां 15 लोगों ने अपनी जमीन पाता पेट्रो केमिकल्स को अधिग्रहित कराते हुए 50 करोड़ का मुआवजा भी डकार लिया था। अब इस अधिग्रहण को लेकर इटावा जिला प्रशासन से कागजात मांगे गए हैं।
अक्तूबर 2024 में सदर तहसील की छह सदस्यीय टीम ने वैसुंधरा ग्राम पंचायत में हुए जमीन के फर्जीवाड़े की रिपोर्ट दी थी। इस रिपोर्ट में खास बात यह उभरकर सामने आई थी कि फर्जी प्रविष्टि के सहारे 15 लोगों ने 27 एकड़ जमीन हथियाई थी, और इसे पाता पेट्रो केमिकल्स को अधिग्रहित कराते हुए 50 करोड़ से ज्यादा का मुआवजा भी ले लिया था।
इस रिपोर्ट के आधार पर जहां वाद दर्ज हुए थे। वहीं अधिग्रहण को लेकर कागजात तलाशे जा रहे थे। सूत्रों की माने तो जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इन कागजों की खोज शुरू कर दी गई थी, लेकिन अक्तूबर के बाद से इस मामले में कोई खास पहल अभी तक सामने नहीं आई थी।
खास बात यह थी कि जमीन का यह अधिग्रहण जिला बनने से पहले हुआ था। ऐसे में कागजात इटावा से आने थे। अब इन कागजों को इटावा से तलब किया जाएगा।
वैसुंधरा में फर्जी प्रविष्टि के सहारे जमीन लेकर पाता पेट्रो केमिकल्स को बेचने के मामले में इटावा से कागजात तलब किए जा रहे हैं। जिनकी उपलब्धता के बाद आगे की कवायद शुरू की जाएगी।-महेंद्र पाल सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व