फोटो-7-अमर उजाला में प्रकाशित खबर की पीडीएफ।
औरैया। एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) की जांच में फंसे सराफा कारोबारी भाइयों के एक ही नंबर पर दो शस्त्र लाइसेंस जारी होने के मामले को डीएम डाॅ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने जांच बैठा दी है।
उन्होंने प्रकरण की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी न्यायिक को जिम्मेदारी सौंपी है। वह जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे, इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
शहर के मोहल्ला गढ़ैया निवासी सराफा कारोबारी कमलकांत वर्मा, अजयकांत वर्मा और रविकांत वर्मा के यहां तीन दिसंबर की रात को एनआईए ने छापा मारा था। यह कार्रवाई बिहार में हो रही असलहा तस्करी के आरोप में की गई थी। जांच के बाद टीम कई असलहे, नकदी व अन्य सामान सीज कर अपने साथ ले गई। ऐसे में जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है।
अमर उजाला ने सोमवार के अंक में कारोबारी भाइयों में से एक रविकांत वर्मा के शस्त्र लाइसेंस संख्या 5205/औरैया पर दो शस्त्र लाइसेंस जारी होने का खुलासा खबर के माध्यम से किया था। दोनों ही लाइसेंस के यूनिक आईडी नंबर भी अलग-अलग थे। इस खबर का संज्ञान लेकर डीएम ने अपर जिलाधिकारी न्यायिक नीरज कुमार को जांच के आदेश दिए हैं। वह जल्द पूरे प्रकरण की गहन जांच कर अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपेंगे।
जांच के आदेश होने के बाद एडीएम न्यायिक से असलहा कार्यालय से अभिलेख तलब किए हैं। साथ ही दोनों लाइसेंसों का रिकॉर्ड भी मांगा है। मंगलवार को दिन भर असलहा कार्यालय के कर्मचारी अभिलेख खंगालने में जुटे रहे।
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अपर जिलाधिकारी न्यायिक को मामले की जांच सौंपी गई है। जल्द ही वह अपनी जांच कर रिपोर्ट देंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई होगी।
-डाॅ. इंद्रमणि त्रिपाठी, डीएम।