जिला स्तरीय अस्पताल की व्यवस्थाएं सुधरती नजर नहीं आ रहा ही। निरीक्षण के कुछ घंटे बाद अस्पताल की व्यवस्थाएं पुराने ढर्रे पर दिखीं। वार्डों में तीमारदारों का जमावड़ा लगा रहा। इससे कई मरीजों को परेशानी हुई तो वहीं ठंड में तीमारदारों को जमीन पर लेटकर रात गुजारनी पड़ी। कुछ ऐसा ही नजरा मंगलवार की सुबह नजर आया। ड्यू्टी का समय होने के बावजूद अस्पताल में बने डाक्टरों के केबिन में ताला लटकता मिला।
समय- सोमवार, रात 9.48 बजे
अस्पताल में रैन बसेरा की व्यवस्था न होने से तीमारदारों को इधर-उधर भटकना पड़ता है। रात में ठंड के बावजूद तीमारदार गैलरी में सोते नजर आए। वहीं कई तीमारदार मरीजों के बेड पर सोते दिखाई दिए। शोर से वार्ड में भर्ती अन्य मरीज परेशान होते दिखे। लाइट खुली होने के कारण मरीज टहलते नजर आए।
समय- सुबह 9.22 बजे
अस्पताल के महिला अनुभाग पर मरीजों की लाइन लगी रही। लेकिन काउंटर पर कोई मौजूद नही दिखा। इसके कारण कई महिला मरीज भटकती नजर आईं। एक दिन पहले हुए औचक निरीक्षण के बाद भी कर्मचारी समय से अस्पताल नहीं पहुंचे।
समय- सुबह 9.24 बजे
अस्पताल के प्रथम तल पर स्थित नाक, कान, गला विभाग, कुष्ठ रोग विभाग और होम्योपैथी विभाग बंद मिला। वहीं अस्पताल परिसर के अंदर मुख्य चैनल बंद होने से कई मरीज इधर-इधर भटकते नजर आए।
डाक्टरों की ड्यूटी का आठ-आठ घंटे का रोस्टर तैयार किया गया था। इसके अनुसार सभी को ड्यू्टी करनी है। शिकायत मिली है वह स्वयं मामले की जांच कराएंगे।
- एन के मिश्रा, सीएमएस