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दो कमरों में चल रहा जिला अस्पताल

Thu, 07 Apr 2016 12:12 AM IST
Auraiya, Uttar pradesh, India
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डाक्टरों के इंतजार में बैठे मरीज - फोटो : amar ujala beuro
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आम जनता की दरकार और अफसरों के प्रयास से शहरी अस्पताल को जिला चिकित्सालय तो घोषित कर दिया गया। लेकिन इलाज के नाम पर यहां अभी भी रोगियों को वापस लौटना पड़ रहा है। डाक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की कमी व संसाधनों के अभाव ने जिला चिकित्सालय को दो कक्षों में सीमित कर दिया है। जिला अस्पताल संचालन को लेकर बुधवार को अमर उजाला ने पड़ताल की तो हालात कुछ इस तरह मिले।
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ऐसी नजर आई ओपीडी
जिला अस्पताल के नए भवन तक ही संकुचित होकर रह गया है। इसी नए भवन में आज कल जिला अस्पताल की ओपीडी संचालित कराई जा रही है। पड़ताल के दौरान जिला अस्पताल की ओपीडी के कुल तीन कक्ष खुले दिखाई दिए। दो कक्षों में डाक्टर तथा एक कक्ष को दवा वितरण/दवा स्टोर रूम का रूप दिया गया दिखाई दिया। वहीं ओपीडी परिसर के एक कोने में एक मेज और कुर्सी के माध्यम से रोगियों के पर्चे काटे जाते हुए दिखाई दिए।

एक अनार सौ बीमार
सुबह 11.30 बजे तक जिला अस्पताल की ओपीडी में इलाज के लिए 150 मरीजों के पर्चे काटे गए। ओपीडी की हालत एक अनार सौ बीमार जैसी दिखाई दी। ओपीडी गेट से लेकर ओपीडी परिसर में चारों तरफ मरीज इलाज के लिए अपनी बारी का इंतजार करते हुए नजर आए। वहीं चिकित्सकों के कक्ष में भी रोगियों की अच्छी खासी संख्या दिखाई दी। वहीं ओपीडी के एक कक्ष में डाक्टर की चेयर पर एप्रेन तो नजर आई। लेकिन डाक्टर साहब कहीं नहीं दिखाई दिए।
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यहां भी डाले नजर
देखने में तो अजीब ही लगेगा लेकिन यह जिला चिकित्सालय की हकीकत है। एक ओर जहां अस्पताल की सुसज्जित दवा वितरण केंद्र पार्किंग स्थल का रूप लिए हुए नजर आई। वहीं बुधवार को जिला अस्पताल आने वाले रोगियों को ओपीडी के एक कक्ष में रखी सिर्फ एक टेबल पर रखी दवाईयां ही दी जाती दिखाई दी। हाईजीन की उम्मीद करना ही अपने को बरगलाना जैसा होगा। इसी कक्ष के एक कोने को दवा स्टोर का रूप भी दिया गया नजर आया। उसी कोने में बेतरतीबी से रखी हुईं दवाओं के ढेर लगे हुए दिखाई दिए।

बिना वार्ड ब्वाय के जिला अस्पताल
औरैया जिला चिकित्सालय प्रदेश का शायद इकलौता अस्पताल होगा। जहां वार्ड ब्वाय की तैनाती नहीं है। ग्राम चिचौली के सौ शैय्या अस्पताल से संबद्ध किए जाने के चलते इन दिनों जिला अस्पताल बिना वार्ड ब्वाय के संचालित कराने की स्थिति बनी हुई है।

शहरी अस्पताल को जिला अस्पताल का  दर्जा मिलने के बाद से संसाधन युक्त बनाए जाने पर जोर दिया जा रहा है। इस क्रम में चार डाक्टरों की ओपीडी कार्य में सेवाएं ली जा रहीं हैं। रोगियों को सुविधाएं प्रदान करने के प्रयास जारी हैं।
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                             डा.एसबी मिश्रा
                            सीएमओ औरैया।
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