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लंबित समस्याओं का निराकरण होने पर जताई नाराजगी

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औरैया। उ.प्र. लेखपाल संघ के बैनर तले लेखपालों ने लंबित समस्याओं के निराकरण में शासन की उदासीनता पर नाराजगी जताई है। उन्होेंने पांच नवंबर से क्रमिक अनशन का एलान किया है।
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तहसील परिसर में आयोजित बैठक में लेखपाल संघ के मंत्री अशोक दोहरे ने कहा कि 15 नवंबर 2009 से लेखपाल वेतन, भत्ते, प्रमोशन, एसीपी, पेंशन विसंगति सेवा नियमावली, तहसीलों में आधारभूत समस्याएं व संसाधन शासन द्वारा प्रांतीय पदाधिकारियों को आश्वस्त किया गया था, लेकिन इन सुविधाओं को लागू नहीं किया गया है। कहा कि लेखपालों को प्रतिदिन यात्रा भत्ते के रूप में तीन रुपये 33 पैसे की दर से भुगतान किया जा रहा है, जबकि एक माह में लेखपाल एक हजार से 15 सौ रुपये यात्रा भत्ता व्यय कर रहा है। शासन ने एक हजार रुपये मोटर साइकिल भत्ता देने की संस्तुति की, लेकिन वित्त विभाग के उपेक्षा पूर्ण रवैए से शासनादेश निर्गत नहीं हो पा रहा है, जबकि ग्राम पंचायत अधिकारी को 750 रुपये पहले से ही प्राप्त हो रहा है।
बीईओ को 1200 रुपये प्रतिमाह वाहन भत्ते का भुगतान किया जा रहा है। लेखपालों के हितों की अनदेखी के विरोध में पांच नवंबर से क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा। पांच नवंबर को तहसील स्तर पर लेखपाल अतिरिक्त चार्ज जमा करेंगे। 14 को रक्तदान व 19 को साइकिल यात्रा करेंगे। इसी दिन सरकारी अधिकारियों व्हाट्सएप से हट जाएंगे। इसी दिन धरना प्रदर्शन व शाम को कैंडिल मार्च व पांच दिसंबर को प्रदेश भर के लेखपाल विधानसभा का घेराव करेंगे। इस अवसर पर भारी संख्या में लेखपाल मौजूद रहे।
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