डीएम के गोद लिए गांव में ग्रामीण मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं। याकूबपुर गांव को डीएम के गोद लेने पर ग्रामीणों में खुशी जगी थी, लेकिन पांच माह बीतने के बाद भी गांव में विकास तो दूर जल भराव की समस्या से निजात नहीं मिल सकी है। इससे ग्रामीणों में रोष है।
शासन ने प्रशासनिक अधिकारियों को विकास के लिए एक गांव गोद लेने के निर्देश दिए थे। गांव गोद लेने का मकसद गांव में शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य, रोजगार, बिजली का विकास करना था। इस क्रम में याकूबपुर गांव को जिलाधिकारी माला श्रीवास्तव ने गोद लिया था।
गांव के ग्रामीण सुनील कुमार गुप्ता, मुन्ना सिंह, पातीराम वर्मा, शिवम गुप्ता, अशोक कुमार गुप्ता, रामऔतार यादव, रामशंकर वर्मा को उम्मीद थी कि गांव का अब विकास होगा, लेकिन हालत यह है कि कस्बे के मुख्य मार्ग की नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं।
याकूबपुर के बांकेलाल वर्मा, महेंद्र शर्मा, सुरेंद्र सेंगर, छुन्ना सविता, प्रभाकरन वर्मा, रविंद्र राजपूत, अहिवरन सिंह यादव, सर्वेश तिवारी, इंद्रपाल राना कहते हैं कि सड़क के दोनों ओर बनी नालियों से पानी का निकास नहीं हो पा रहा है, जिससे बरसाती पानी नालियों में न जाकर सीधे दुकानों में घुस रहा है।
नालियों की सफाई के लिए कोई सफाई कर्मी नहीं आता है। तहसील प्रशासन से कई बार लिखित शिकायत की गई, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। शीघ्र ही समस्या से निजात न मिली तो वह डीएम से दोबारा शिकायत दर्ज कराएंगे।