जादूगर के माध्यम से बच्चों को विज्ञान की बारीकियां जादूगर सम्राट बता रहे है। विज्ञान के चमत्कार और हाथ की कला देखने को बच्चों में खासा उत्साह है।
जादूगर सम्राट कहते हैं कि वह खेल के माध्यम से बच्चों को सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक भी करते है और सामाजिक जागरूकता का संदेश दे रहे हैं। सरकार से अपेक्षाकृत मदद न मिलने से वह आहत हैं।
बुलंदशहर के जादूगर सम्राट वर्मा कहते हैं कि जादू एक कला है, जिसे विज्ञान और हाथ के हुनर से दिखाया जाता है। सामने वाले को इस कला का पता तक नहीं पाता है। बचपन से ही उन्हें जादू लुभाता रहा है। इसलिए उन्होंने इसे अपना पेशा बना लिया है। आज वह जादू को सामाजिक चेतना के माध्यम से जोड़ रहे हैं।
जादू में वह कटा हुआ सिर, आदमी को जानवर बनाना, इच्छाधारी नागिन, लड़की को हवा में उड़ा देना, खाली स्टेज पर जादूगर का प्रगट होना, चलती टीवी से आदमी का बाहर निकल आना। आसमान से नोटों की बारिश, मोबाइल व घड़ी को जादू से बंद कर देना आदि दर्शकों का मनोरंजन करेंगी।
जादू में स्कूली बच्चों का विशेष ध्यान रखा गया है। स्कूली बच्चों को शुल्क में छूट भी दी जा रही है।