कोतवाली में अधूरी पड़ी विवेचनाएं, कबाड़ हो रहे पुराने वाहन व अपराधियों की धरपकड़ में हीला-हवाली बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर डीआईजी जमकर बरसे। डीआईजी ने अजीतमल, औरैया व पुलिस लाइन का निरीक्षण किया। निरीक्षण दौरान खामियां देख वह भड़क गए। एक पखवारे में लंबित पड़ी समस्याओं का निस्तारण कराने के निर्देश दिए।
डीआईजी कानपुर जोन एन. चौधरी ने औरैया के थानों व पुलिस लाइन का वार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान थानों की पोल खुलती नजर आई। शुक्रवार सुबह आठ बजे डीआईजी ने अजीतमल कोतवाली का निरीक्षण किया।
उन्होंने बैरक, पुलिसकर्मियों के आवास व पुराने वाहनों का निरीक्षण किया। अजीतमल में निर्माणाधीन बैरक में मानक के अनुरूप कार्य न होने पर नाराजगी जताई। इसके साथ अन्य खामियां मिलने पर मातहतों को लताड़ा।
तत्पश्चात डीआईजी औरैया कोतवाली पहुंचे, यहां उन्होंने मैस का निरीक्षण किया। पुलिसकर्मियों से खाने के बारे में जानकारी की। डीआईजी का पारा तब चढ़ गया, जब कोतवाली में कंडम हालत में वाहन देखे। उन्होंने कहा कि पुराने वाहनों की नीलामी कराई जाए।
उन्होंने नवसृजित कंप्यूटर कक्ष को देखा और अंतिम एफआईआर कब दर्ज की गई है, इसकी जानकारी ली। वर्ष 2014 के त्यौहार रजिस्टर व अन्य अभिलेख अधूरे देख उनका पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने मुंशी से लेकर कोतवाल तक को फटकार लगाई।
सामने आने से बचते रहे पुलिसकर्मी - औरैया। औरैया कोतवाली में डीआईजी एन. चौधरी अभिलेखों की जांच कर रहे थे, उस समय डीआईजी के सामने आने से मुंशी से लेकर कोतवाल बचते दिख रहे थे। कारण था कि सभी रजिस्टर अधूरे पड़े होना।