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टोकन लिए ठंड में खरीद के लिए भटकते रहे किसान

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दिबियापुर। केंद्र प्रभारियों ने शनिवार को दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रखी। इससे खरीद केंद्र पर पहुंचे किसान तौल कराने के लिए भटकते नजर आए। किसानों ने बताया कि एक हजार रुपये प्रतिदिन भाड़े पर ट्रैक्टर ट्राली ली है। दो दिन में दो हजार रुपये का नुकसान कई किसानों का हो चुका है।
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चंदौली में डिप्टी आरएमओ से अभद्रता और बार-बार धान खरीद के नियमों में हो रहे परिवर्तन को लेकर केंद्र प्रभारी दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। इसके चलते सभी 44 केंद्रों में धान खरीद नहीं हो सकी। दिबियापुर मंडी समिति में दोनों धान क्रय केंद्र विपणन विभाग के होने के कारण यहां पर क्रय केंद्र बंद रही। काफी किसानों को शुक्रवार को धान खरीद के लिए टोकन दिया गया था। किसान दिबियापुर स्थित क्रय केंद्र पर पहुंचे तो यहां तौल बंद मिली।
गलन भरी सर्दी में किसान ठिठुरते नजर आए। असेनी निवासी किसान अश्वनी कुमार, जितेंद्र नारायण, बहादुरपुर निवासी माया देवी शुक्ला, दिबियापुर के अनुरुद्ध प्रताप सिंह, जयसिंह, लालू, माधौ सिंह का पुर्वा निवासी कुंती देवी, रामप्रकाश आदर्श सिंह, पचा का पुर्वा के सुरेश राजपूत, राकेश राजपूत, पवन, सुशील चौबे आदि किसान एवं उनके परिजन पूरे दिन धान खरीद शुरू होने का इंतजार करते रहे। किसानों ने कहा कि दिन भर भटकने के बाद अब उन्हें पूरी रात ठिठुरना भी पड़ेगा। किसानों ने जल्द धान खरीद शुरू कराने की मांग की है।
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भाड़े पर लाए ट्रैक्टर ट्राली, मायूस होकर लौटे किसान
धान खरीद केंद्रों पर कई किसान भाड़े पर ट्रैक्टर ट्राली लेकर पहुंच थे। शुक्रवार हड़ताल की जानकारी न होने पर अजीतमल, अछल्दा, दिबियापुर और औरैया केंद्र पर काफी संख्या में किसान धान लेकर पहुंचे।
शाम तक इस आस में रहे कि शायद धान की तौल शुरू हो जाए, लेकिन धान न खरीदे जाने से कुछ किसान रात में ही लौट गए, तो कुछ किसान शनिवार की सुबह तक डटे रहे। इसके बाद भी धान की तौल न होती देख किसान लौट गए। किसानों ने बताया कि एक दिन में उन्हें एक हजार रुपये भाड़ा देना पड़ता है।
प्रशासन की सख्ती का नहीं दिखा असर
डिप्टी आरएमओ ने केंद्र प्रभारियों को काम पर लौटने के लिए शुक्रवार को सख्त हिदायत दी थी। शनिवार देर शाम तक वह काम पर नहीं लौटे। कर्मचारी संगठन प्रदेश नेतृत्व से निर्देश मिलने का इंतजार कर रहा है। इसी के चलते प्रशासन की सख्ती का असर नजर नहीं आया।
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