बिधूना। स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांव-गांव सामुदायिक शौचालयों को धरातल पर उतारा जा रहा है। बड़े पैमाने पर सरकारी धन खपाया जा रहा है। कुछ पंचायतों में लाखों की धनराशि अलबेले ढंग से खपा दी गई है। बिधूना ब्लॉक की कुछ पंचायतें इसकी नजीर पेश कर रही हैं। बजट खपाकर शौचालय तो बना दिए गए, लेकिन वह शोपीस बने हुए हैं, उपयोग में नहीं आ रहे हैं। स्थिति यह है कि कहीं विवादित जमीन पर शौचालय बना दिए गए हैं तो कहीं निजी जमीन पर, कुछ जगह काम भी अधूरा पड़ा है।
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बिधूना ब्लॉक की ग्राम पंचायत सांवलिया में 2020-21 में स्वच्छता मिशन के तहत करीब 5.75 लाख से सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। करीब चार साल से ज्यादा समय बीत गया है। सामुदायिक शौचालय चालू नहीं हुआ। शौचालय की पड़ताल की गई तो पता चला कि पानी की टंकी ही नहीं लगी है। न बिजली कनेक्शन हुआ है और न ही सीट व सबमर्सिबल लगाई गई है। शौचालय में कंडे भरे हुए हैं। प्रधान सौरभ तिवारी ने बताया कि पूर्व प्रधान ने सचिव के साथ अपनी निजी जगह में शौचालय का निर्माण करा लिया था। पूर्व प्रधान कोई कागजात नहीं दे रहे हैं। ऐसे में शौचालय कैसे चालू होगा। अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है।
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ग्राम पंचायत बंथरा की प्रधान उम्मेद कुमारी ने बताया कि पूर्व प्रधान ने अपने हाते सलेम गांव में सामुदायिक शौचालय बना लिया। अभी तक हैंडओवर नहीं किया। दो बार डीपीआरओ जांच करने आ चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसलिए केयर टेकर की तैनाती नहीं की गई है। शौचालय चालू करने के लिए अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन जांच के बाद फाइल बंद कर दी जाती है। शौचालय बाउंड्रीवॉल के अन्दर बना हुआ है। इससे ताला लटकता रहता है। निर्माण पूरा हुआ कि अधूरा है, इस विषय में जानकारी नहीं है।
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धनवाली पंचायत का सामुदायिक शौचालय अधूरा पड़ा होने पर सचिव करन सिंह ने बताया कि पूर्व प्रधान द्वारा खाद के गड्डों में शौचालय का निर्माण कराया गया था। ग्रामीणों की शिकायत के बाद से शौचालय का काम बंद करा दिया गया। तब से दो साल हो गए और शौचालय अधूरा पड़ा है। अधिकारियों से बात की गई है। अगर अधिकारी रिकवरी करने को कहेंगे तो रिकवरी की जाएगी। अगर इसी को पूरा करने को कहेंगे तो काम कराया जाएगा।
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अनेसों में सामुदायिक शौचालय अधूरा पड़ा है। प्रधान अनीता देवी ने बताया कि पूर्व प्रधान के कार्यकाल में यह बनना शुरू हुआ था। इसके कोई कागजात नहीं मिले हैं। अभी तक शौचालय अधूरा होने के कारण बंद पड़ा है। रुपये भी निकल चुके हैं। फिर भी शौचालय अधूरा है। इससे ग्रामीणों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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बोले जिम्मेदार
एडीओ पंचायत बिधूना विजय कुमार ने बताया कि जो सामुदायिक शौचालय विवादित व निजी जमीनों पर बने हैं, वह अधूरे पड़े हैं। उनके संबंध में उच्चधिकारियों को पत्र भेजकर अवगत कराया जा चुका है। सांवलिया व बंथरा में किन सचिव की तैनाती निर्माण के दौरान थी, उन पर कार्रवाई की जाएगी। जहां पर शौचालय अधूरे हैं और धन निकाल लिया गया है तो संबंधित की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।