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गोशाला में चार की गोवंश की मौत, 15 दिन में मरे 25

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16एयूआरपी11 - गोशाला में खुले में रह रहे गोवंश। - फोटो : AURAIYA
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औरैया। सदर ब्लॉक की ग्राम पंचायत जैतापुर के गांव मिर्जापुर बैरमशाह की स्थायी गोशाला में मंगलवार की रात में क्योंटरा से गाड़ी में लाए गए 40 गोवंशों में चार की मौत हो गई। पिछले 15 दिनों में 25 गोवंशों की मौत हो चुकी है। सूखा चारा खाने तथा ठंड से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम न होने से गोवंशों की मौत हो रही है। इस पर ग्रामीणों ने बुधवार को हंगामा भी किया। उन्होंने गोशाला में ठंड से बचाव के इंतजाम करने की मांग की।
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गांव मिर्जापुर बैरमशाह में करीब सवा करोड़ रुपये की लागत से बनी गोशाला सितंबर माह में जिला पशु चिकित्साधिकारी अनिल कुमार ने ग्राम प्रधान अभिषेक यादव को हैंडओवर कर दी थी। नवनिर्मित गोशाला के निर्माण में कई खामियां सामने आई हैं। इसमें काम करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि गोवंशों के चारा खाने वाले नादों को काफी नीचा बना दिया गया है। जिसमें गोवंश बैठ जाते हैं। जिसमें गोबर व पेशाब आदि कर देेते हैं। जिससे चारा खराब हो जाता है। आधा समय तो उनका नाद साफ करने में चला जाता है।
प्रशासन ने गोशाला हैंडओवर करने के बाद मुंहफेर लिया है। गोशाला शुरू होने के बाद अब तक बजट के नाम पर केवल 2400 रुपये आवंटित किए गए हैं। जबकि ग्राम पंचायत निधि से डेढ़ लाख रुपये से ज्यादा का खर्चा हो चुका है। गोवंशों के खाने के नाम पर सूखा चारा डाल दिया जाता है। कड़ाके की सर्दी शुरू होने के बाद भी अभी तक गोवंशों के लिए बोरों का कोई इंतजाम नहीं हुआ है। करीब 40 अन्ना गोवंश मंगलवार की रात्रि में क्योंटरा से गोशाला में लाए गए थे। जिसमें चार की बुधवार को मौत हो गई। 15 दिनों में 25 गोवंश की मौत हो चुकी है। एक गड्ढे में चार-चार गोवंशों को दबा दिया गया है।
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गोशाला के चारों ओर बाउंड्रीवाल करवाने की मांग
मिर्जापुर गोशाला के चारों ओर तारों की बाड़ कमजोर होने से गोवंश के निकलने का सिलसिला जारी है। जिससे बुधवार को आसपास के किसानों का धैर्य जवाब दे गया। सुनील दुबे, अजय अवस्थी, लल्ला मिश्रा, राजवीर यादव, बृजलाल, राघवेंद्र तिवारी, लालू दुबे, दलवीर यादव, अजय तिवारी, सुधीर कुमार व प्रधान अभिषेक यादव ने आरईएस एई आलोक श्रीवास्तव को जमकर खरी-खोटी सुनाई और गोशाला के चारों ओर बाउंड्रीवाल बनवाने की मांग की।
अन्ना सांड़ गोशाला में गायों के लिए बने आफत
जिले की ज्यादातर गोशालाओं में गायों की मौत का कारण अन्ना सांड़ बन रहे हैं। अचानक यह सांड़ हमलावर हो जाते हैं। जिससे गाय चुटहिल या गंभीर रूप से घायल हो जाती हैं और इनकी मौत हो जाती है। सांड़ों को अलग रखने की बात कई बार उठ चुकी है, लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान देने की कोई जहमत नहीं उठाई है।
हरा चारा और दाना कहीं नहीं, केवल सूखा चारा
जिले में दो स्थायी व 42 अस्थायी गोशाला संचालित हो रही हैं, लेकिन एक भी गोशाला ऐसी नहीं हैं, जहां गोवंशों को हरा चारा अथवा दाना दिया जा रहा हो, खाने के नाम पर केवल सूखा चारा दिया जा रहा है, जिससे इन गोवंशों की हालत खराब हो रही है।
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