अछल्दा। कस्बे के नहर बाजार से बिचौलिया होते हुए घसारा को जाने वाला मुख्य मार्ग लंबे समय से खराब हालत में है। कई साल पहले बना यह डामर मार्ग अब पूरी तरह उखड़ चुका है और सड़क पर जगह-जगह बड़े जानलेवा गड्ढे बन गए हैं। इस मार्ग से प्रतिदिन 10 से 15 गांवों की लगभग 15 हजार की आबादी जान जोखिम में डालकर आने-जाने को मजबूर है।
यह सड़क नगला चिंता, बिचौलिया, नगला खगा, नगला सवी, हरनारायणपुर और घसारा सहित 10 से अधिक गांवों के लिए आवागमन का मुख्य रास्ता है। ग्रामीणों के पास अछल्दा के नहर बाजार से रेलवे स्टेशन और क्रॉसिंग तक जाने का यही एकमात्र विकल्प है। रेलवे क्रॉसिंग पर जाम लगने पर दर्जनों राहगीर अपने वाहन लेकर इसी रास्ते से निकलते हैं। जरा सी बारिश में इन गड्ढों में पानी भर जाने से पैदल चलना भी दूभर हो जाता है। फिसलन के चलते बाइक और साइकिल सवार आए दिन गिरकर चुटहिल हो रहे हैं।
इसी सड़क किनारे चिंता का नगला गांव के सामने एक विद्यालय स्थित है। इससे छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा मरीजों और रोजमर्रा कमाने वाले श्रमिकों के लिए भी यह सफर किसी मुसीबत से कम नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि वे सड़क की मरम्मत को लेकर सरकारी हेल्पलाइन नंबर से लेकर पीडब्ल्यूडी कार्यालय तक शिकायती पत्र दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
सड़क पर गड्ढे, सुनवाई नहीं
सड़क पर इतने बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं कि आए दिन लोग वाहन समेत गिरकर चुटहिल हो रहे हैं। कई बार शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। - गौरव, निवासी बिचौलिया
प्रशासन ध्यान देकर बनवाए
स्कूल जाने वाले बच्चों और मरीजों को इस रास्ते से निकलने में जान का जोखिम उठाना पड़ता है। प्रशासन को इस ओर जल्द ध्यान देना चाहिए। - कैलाश, निवासी चिंता का नगला
बारिश के दिनों में होती परेशानी
यह मार्ग 10 से ज्यादा गांवों की लाइफलाइन है, लेकिन जर्जर होने के कारण यह पूरी तरह बदहाल हो चुका है। बरसात के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। - सौरभ, निवासी चिंता का नगला
जल्द सड़क बनवा राहत दिलाएं
रेलवे क्रॉसिंग पर जाम लगने पर पूरा ट्रैफिक इसी रास्ते से गुजरता है, इससे सड़क की स्थिति और अधिक खराब हो गई है। हम जल्द सड़क निर्माण की मांग करते हैं। - ऋषभ, निवासी बिचौलिया
वर्जन
मामला संज्ञान में है। सड़क की वर्तमान स्थिति की जानकारी करवाकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही ग्रामीणों को मार्ग से जुड़ी समस्याओं से निजात दिलाई जाएगी। - प्रदीप पटेल, जेई पीडब्ल्यूडी