मुरादगंज हाइवे पुल पर दुर्घटनाग्रस्त डीसीएम में बीती देर रात दूसरी डीसीएम घुस गई, जिसमे परिचालक की मौत हो गई । डीसीएम चालक ने टोल प्लाजा के तीन कर्मचारियाें पर लापरवाही और मदद के लिए क्रेन मांगने पर पैसे मांगने का आरोप लगा कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है।
किदवई नगर, कानपुर निवासी डीसीएम चालक बाल किशन ने रिपोर्ट लिखाई है कि वह कानपुर से दिल्ली डीसीएम में एक्सपोर्ट का माल लादकर जा रहा था।
गुरूवार रात्रि में मुरादगंज हाइवे पुल पर एक डीसीएम पलटी पड़ी थी, अंधेरा होने के कारण खराब डीसीएम में उनकी गाड़ी घुस गई, जिसमें परिचालक राम सिंह उर्फ बबलू निवासी मुजफ्फरपुर थाना हंसनगंज, उन्नाव की घटनास्थल पर मौत हो गई।
चालक बालकिशन ने कहा कि दुर्घटना अनंतराम टोल प्लाजा के बाबूराम शर्मा निवासी गुनाकटा अमरौहा कार्यवाहक तथा संजीव बरनाहल, मैनपुरी द्वारा खराब पड़ी रोड पर डीसीएम न हटाने के कारण तथा संकेतात्मक न लगाने के चलते दुर्घटना हुई है ।
वही क्रेन के लिए पैसे मांगने का आरोप लगाया। चालक ने पुलिस को बताया कि उसने कानपुर नगर से अपने ट्रांसपोर्टर मालिक को बुलवाया और परिचालक का शव लेकर टोल प्लाजा पहुंचा। टोल प्लाजा कर्मियाें ने गालीगलौज और मारपीट कर दी। इसके कारण जाम की स्थिति बन गई।
मौके पर पहुंचे कोतवाली प्रभारी हरपाल सिंह यादव ने जाम को खुलवाते हुए शव को पोर्स्टमार्टम के लिये इटावा भेजा । कोतवाली प्रभारी हरपाल सिंह यादव ने बताया कि दुर्घटना टोल प्लाजा के कर्मचारियाें की लापरवाही का अंजाम है, नेशनल हाइवे अधिकारियाें की जिम्मेदारी है कि खराब पड़ी गाड़ियों को रास्ते से हटाया जाए।
मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है, दोषियाें के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वही टोल प्लाजा के मैनेजर सत्यवीर यादव ने बताया कि शव लेकर टोल प्लाजा पर आने का कोई औचित्य नहीं बनता है, पुलिस दबाब बनाने के लिए यह कर रही है।