जालौन चौराहे के समीप दोपहर के यात्रियों से भरी प्राइवेट बस कुछ इस तरह चढ़ते दिखे यात्री
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औरैया। डग्गामार बसें क्षमता से ज्यादा सवारियां भरकर फर्राटा भर रही हैं। कानपुर छोड़कर अन्य रूटों पर रोडवेज बसें पर्याप्त न होने से यात्रियों को मजबूरी में इन डग्गामार बसों में सफर करना पड़ रहा है। अंधाधुंध सवारियां भरी होने से इन डग्गामार बसों में सफर करना जोखिम भरा है। खास बात यह है कि चेकिंग के दौरान भी अफसरों की नजर इन डग्गामार बसों की ओर नहीं घूम रही है।
जिले में वर्तमान समय लगभग 30 प्राइवेट बसेें विभिन्न रूटों पर दौड़ रही हैं। यह बसें रोजाना रोडवेज बस स्टैंड, खानपुर चौराहा, जालौन चौराहे से सवारियों को भरतीं नजर आतीं हैं। इन बसों में छोटे रूटों के यात्री सफर करने को मजबूर हैं। कारण छोटे रूटों जैसे जालौन, उरई, कन्नौज, इटावा के लिए पर्याप्त बसें रोडवेज के पास नहीं है।
इससे इन प्राइवेट बसों से यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इधर जालौन मार्ग निर्माणाधीन है। इस रूट में सबसे अधिक सवारियों के होने के चलते रविवार को भी प्राइवेट बसें भूसे की तरह सवारियों को भरकर ले जातीं दिखाई दीं। उधर, रोडवेज अधिकारियों का दावा है कि उनके बेड़े से 75 बसों का संचालन किया जा रहा है।
उनके पास सभी रूटों के लिए पर्याप्त बसें हैं। हालांकि राजस्व की बढ़ोत्तरी को देखते हुए दिल्ली, आगरा रूट पर अधिक बसों का संचालन हो रहा है। उरई, इटावा, कन्नौज, कानपुर रूटों पर भी समय से बसों को रवाना किया जा रहा है। वहीं, एआरएम आरएस चौधरी ने बताया कि प्राइवेट डग्गामार वाहनों के खिलाफ अभियान चला था। पिछले छह महीने में 12 बसों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। शीघ्र ही सख्ती से अभियान चलाया जाएगा और क्षमता से अधिक सवारियां लेकर चलने वालीं बसों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।