अयाना थाना क्षेत्र के गांव नवादा ज्वाला प्रसाद में रामऔतार की चाकू से गोदकर की गई हत्या के मामले में उसका बेटा ही हत्यारा निकला। पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि बेटे की विवाहित प्रेमिका को उसके पिता ने परिजनों के सुपुर्द कर दिया था। इसी खुन्नस में पुत्र ने उसकी चाकू से गोदकर हत्या कर दी।
सदर कोतवाली क्षेत्र में 19 मार्च को रामऔतार की हत्या की गई थी। इसका खुलासा करते हुए सीओ सिटी सुभाष अत्री ने बताया कि ग्राम नवादा ज्वाला प्रसाद निवासी रामनरेश कठेरिया ने अपने बड़े भाई रामऔतार (60) की हत्या की सूचना दी थी। इसके बाद गांव के अन्नू व शिववीर सहित चार लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। सीओ के अनुसार चार नामजद लोगों में एक आरोपी की पत्नी से रामऔतार के पुत्र परशुराम के संबंध भी थे। उन्होंने बताया जांच के दौरान रामनरेश ने अपने भतीजे परशुराम को पिता की हत्या की सूचना दी थी,
इसके बावजूद परशुराम पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ। इसके बाद जब नामजद आरोपियों से पूछताछ की गई तो उनके खिलाफ पुलिस को कोई सुबूत नहीं मिले। हत्याकांड को सुलझाने में थाने की टीम ने गुपचुप तरीके से जानकारी लेनी शुरू की। तब मालूम हुआ कि हत्या किसी और ने नहीं बल्कि की रामऔतार के पुत्र परशुराम ने की है।
पूछताछ के दौरान आरोपी परशुराम ने बताया कि उसका एक आरोप की पत्नी के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था और पिता रामऔतार उसका सहयोग नहीं कर रहा था। बल्कि वह उस महिला को अपने साथ ले आया था, मगर पिता महिला को वापस भेज आया। इसी बात की खुन्नस में उसने पिता को खेत में बुलाकर चाकू से गोदकर हत्या कर दी। हत्या का खुलाया होने के बाद आरोपी परशुराम ने बताया कि उसने पहले ही सोच लिया था कि पिता को मौत के घाट उतार देगा।