बीएसए कार्यालय के बाहर शिक्षामित्रों को संबोधित करते शिक्षक नेता।
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सुप्रीम कोर्ट की ओर से समायोजन निरस्त किए जाने के बाद गुरुवार को बीएसए कार्यालय में शिक्षामित्रों ने ताला दिया। कार्यालय के बाहर खिड़कियों के शीशे, कूलर आदि तोड़ दिए। डीएम कार्यालय की तरफ बढ़ रहे शिक्षामित्रों को पुलिस ने रोक लिया। खफा शिक्षामित्रों ने हंगामा कर दिया। एसपी ने शिक्षामित्रों को शांत कराया। बाद में शिक्षा मित्रों ने डीएम को ज्ञापन सौंपा।
25 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट की ओर से समायोजन निरस्त किए जाने से नाराज जिले के शिक्षामित्रों में आक्रोश बढ़ गया है। गुरुवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सैकड़ों की संख्या में बीएसए कार्यालय पहुंचे शिक्षामित्रों ने पहले कार्यालय में ताला जड़ दिया। इसके बाद कार्यालय के बाहर बैठकर धरना प्रदर्शन करते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। आक्रोशित शिक्षामित्रों ने कार्यालय के बाहर रखे कूलर व खिड़कियों के शीशे तोड़ डाले। धरना प्रदर्शन के चलते पूरे दिन बीएसए कार्यालय बंद होने से कार्य बाधित रहा। धरना प्रदर्शन कर रहे शिक्षामित्र थोड़ी देर बाद डीएम कार्यालय की तरफ जैसे ही बढे़, वैसे ही वहां मौजूद सुरक्षाबलों ने डीएम परिसर के मेन गेट बंद कर दिया है। इस दौरान शिक्षामित्रों ने डीएम कार्यालय के बाहर जमकर हंगामा काटा और नारेबाजी की।
सूचना पर एसपी संजीव त्यागी ने मौके पर पहुंचे और आक्रोशित शिक्षामित्रों से बात कर उन्हें शांत कराया। इसके बाद शिक्षामित्रों के अलग-अलग संगठनों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित अपना ज्ञापन डीएम जयप्रकाश सगर को दिया है। धरना प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष संतोष कुमार दुबे, आलोक अग्निहोत्री, संतकुमार शुक्ल, मनोज चतुर्वेदी, शिववीर सिंह, नीरज, अग्निहोत्री, मनोज कुमार शुक्ला आदि मौजूद रहे।
इधर, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार दुबे ने बताया कि शुक्रवार को भी धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।