गर्भवती महिला और तीन बच्चों की मौत हादसा है या हत्या। इसका सवाल अभी किसी के पास नही है। मृतका के पिता ने हत्या करने की रिपोर्ट तो दर्ज करा दी है। मगर हत्या की कहानी किसी के गले नही उतर रही है। कारण है कि अवधबिहारी सतीप्रसाद का इकलौता लड़का है। शादी के करीब दस साल हो चुके हैं। ऐसे में लोगों को हत्या करने की बात समझ में नही आ रही है।
गांव के लोग बताते हैं कि शादी के बाद से घर में दहेज को लेकर विवाद होते उन्होंने कभी नही सुना। अवध बिहारी दिल्ली में रहकर एक प्राईवेट कंपनी में नौकरी करता है। घर में तीन नाती-नातिनों और बहू के साथ उसके माता पिता रहते थे। गांव वाले की अगर माने तो बहू व तीन मासूमों की हत्या करने की बात समझ में नही आ रही है। मृतका के पिता छोटेलाल का कहना है कि उसे अक्सर प्रताड़ित किया जाता था। जिसकी कई बार उसने शिकायत भी की थी। उसने यहां आकर घर परिवार में बैठकर पंचायत भी की।
आगे से प्रताड़ित न करने की बात कही थी। मगर इसके बाद भी सास ससुर का रवैया बदल नही रहा था। इसके चलते उन्होंने चाय में जहर देकर बहू व तीन नातियों की हत्या कर दी। वहीं दूसरी तरफ सास ससुर अपने आप को निर्दोष होने की बात कह रहे हैं। उनके अनुसार चाय की पत्ती की जगह कीटनाशक दवा का डिब्बा रखा था। धोखे से पत्ती की जगह वह डाल ली जिससे तीनों की मौत हुई है।
रक्षाबंधन पर मायके जाने वाली थी मृतका
मृतका की सास लौंगश्री का कहना है कि तीन दिन पहले ही उसकी बहू ने रक्षाबंधन पर मायके जाने की बात कही थी। जिस पर उसने हामी भी भर दी थी कि चली जाना। सोमवार को सावन का दूसरा सोमवार और प्रदोष व्रत होने के कारण बहू ने अपने और मेरे पैरों पर रंग भी लगाया था।
चाय पीते समय बदबू क्यों नही आई
यह एक ऐसा तथ्य है जो मामले में एक नया मोढ़ दे रहा है। मृतका के ससुर ने चाय में क्योराडेक्स कीटनाशक डालने की बात कही है। अगर क्यूराडेक्स कीटनाशक की बात करें तो यह पानी में घुलते ही बहुत बदबू मारता है। लोगों का मानना है कि अधिक बदबू मारता है तो स्वाद भी बहुत तीखा होगा। ऐसे में अगर चाय में क्यूराडेक्स कीटनाशक डल गया तो फिर चाय में इन लोगों को बदबू क्यों नही लगी। स्वाद भी अलग क्यों नही लगा। यह तथ्य आत्महत्या की तरफ जरूर इशारा कर रहा है। मगर आत्महत्या का कारण क्या है यह स्पष्ट नही है।
पति के सामने न आने से मामला उलझा
परिजनों की मानें तो अवधबिहारी को रात दस बजे सूचना दे दी गई थी। कुछ लोगों का कहना है कि पति आ गया है। मगर मायके वाले की तरफ से दो दर्जन लोग थाने में व गांव में बैठे हैं। इसलिए वह सामने नही आ पा रहा है। पूरे मामले में पति का बयान भी अहम होगा। थानाध्यक्ष का कहना है कि वह पति से संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं। पूरे मामले में कई बिंदुओं पर जांच चल रही है।
मौके पर मिले तथ्य के आधार पर मामला अभी संदिग्ध है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आए तब कुछ क्लीयर होगा। फिलहाल सभी बिंदुओं पर जांच चल रही है। मृतका के पति से भी संपर्क का प्रयास किया जा रहा है। हो सकता है रिपोर्ट लिख जाने के कारण वह सामने नही आ रहा हो। जांच के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी।
अतुल शर्मा
एसपी