विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट रामअवतार यादव ने उत्तर प्रदेश गिरोह बंद एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप निवारण अधिनियम में थाना एरवाकटरा के एक मामले के दोषी चार अभियुक्तों को छह-छह साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अभियुक्तों को सात-सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा से भी दंडित किया है।
अभियोजन के अनुसार गत 18 फरवरी 2007 को एरवाकटरा थाना के तत्कालीन एसओ लोकनाथ त्रिपाठी ने संगठित गिरोह रघुवीर सिंह शाक्य के सक्रिय सदस्यों भारत सिंह, छुन्ना लाल, शीलेश उर्फ बबलू व उदयवीर को समाज विरोधी क्रिया कलापों में लिप्त होने पर गिरफ्तार किया था। वह अकेले व सदस्यों के साथ आर्थिक लाभ के लिए अपहरण, अपहरण व फिरौती करने के शातिर अपराधी हैं। इस गिरोह ने 24 मई 2006 को ग्राम रुपपुरा में चंचल उर्फ शिवेंद्र सिंह शाक्य (11) पुत्र देवेंद्र सिंह का अपहरण कर लिया था। विवेचक ने 29 सितंबर 2006 को भारत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। फिरौती न मिलने पर गिरोह ने अपहृत बालक चंचल की हत्या कर दी।
पकड़े गए अभियुक्त की निशानदेही पर उसके घर की सुरंग से बालक चंचल का शव (कंकाल) तथा बनियान आदि बरामद किया था। गिरोह के इन पांचों सदस्यों पर गैंगस्टर की धारा 3(1) का मामला एडीजे फास्ट ट्रैक रामअवतार यादव की कोर्ट में चला। एक आरोपी उदयवीर पुत्र कालीशंकर निवासी अड्डा गूजर थाना इकदिल इटावा गैरहाजिर रहा। इसलिए उसकी पत्रावली प्रपत्र कर दी गई। एडीजे रामअवतार यादव ने चारों अभियुक्त रघुवीर सिंह, भारत सिंह, छुन्ना लाल, शीलेश उर्फ बबलू को गैंगस्टर की धारा 3(1) में छह-छह साल के कठोर कारावास व सात-सात हजार रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया। पेशकार बड़े लाल शर्मा व सत्र लिपिक विजय गुप्ता के अनुसार अर्थदंड अदा न करने पर छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतने का भी आदेश दिया गया है। सभी अभियुक्तों को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया है।