गांव ढिंगसरा में पूर्व सरपंच को रिकॉर्ड पूरा करने को लेकर गांव के सरपंच द्वारा ब्लैकमेलिंग करने का मामला सामने आया है। गांव वालों ने पूर्व सरपंच के ब्लैकमेलिंग होने की सूचना मिलते ही पंचायत बुला ली। इसमें पूर्व सरपंच ने स्वीकार किया कि कागजात पूरे करने को लेकर उससे दो लाख रुपये लिए गए हैं। हालांकि पूर्व सरपंच ने पंचायत में कहा कि यह दो लाख रुपये की राशि गांव के ही एक व्यक्ति को दी। जिसने यह राशी सरपंच के भाई को दी। इस मामले को लेकर गांव में चर्चा का माहौल है। इस संबंध में अभी तक कहीं कोई शिकायत दर्ज नही करवाई गई है।
लेकिन ग्रामीण अपने स्तर पर इस मामले को लेकर बैठक कर चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में आगामी कार्यवाही के लिए रणनीति तैयार की जा रही है। उनका कहना है कि गांव में आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ। अगर वास्तव में पूर्व सरपंच को ब्लैकमेल किया गया है, तो यह गलत है। इस बारे ग्रामीण अपने स्तर पर जांच करेंगे। पता चला है कि गांव के किसी ने आरटीआई लगाकर ग्राम पंचायत का रिकॉर्ड मांगा। रिकॉर्ड में पिछली पंचायत के कार्यकाल के दौरान कुछ कमी बताई गई। रिकॉर्ड दुरुस्त करने को लेकर यह सौदागरी की गई। जिसकी भनक ग्रामीणों को लग गई और ग्रामीण अब इस मामले को लेकर आक्रोशित है। इस बारे में पूर्व सरपंच जवाहर सिंह ने बताया कि पंचायत में बात हो गई है।
ग्रामीण अपने स्तर पर कार्यवाही कर रहे हैं। उनसे दो लाख रुपये लिए गए हैं, जोकि सरपंच ने नहीं, बल्कि सरपंच के भाई ने मामला निपटाने के लिए हैं। इस बारे में सरपंच अशोक जाखड़ ने बताया कि झूठे आरोप लगाकर कुछ लोग उन्हें बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। किसी अन्य व्यक्ति का मामला था और उस संबंध में समझौता करवाया गया था, लेनदेन का आरोप निराधार है।