औरैया। सत्र न्यायाधीश राजीव गोयल ने शुक्रवार को फफूंद थाना क्षेत्र के गांव नवादा ममरेजपुर खाम निवासी महावीर सिंह की हत्या के दोषी चार अभियुुक्तों को आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन के अनुसार ग्राम नवादा ममरेजपुर खाम निवासी वादी राघवेंद्र उर्फ मोनू पुत्र महावीर सिंह ने थाना फफूंद में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि एक अक्तूबर 2009 को उसके गांव के अजय सिंह व रामवीर के साथ उसके पिता महावीर सिंह औरैया कचहरी गए हुए थे। ये तीनों लोग औरैया से चलकर मुरादगंज तिराहे पर ढाई बजे पहुंचे थे। तीनों जुम्मन खाद वाले की दुकान के सामने तख्त पर बैठे आपस में बातचीत कर रहे थे कि दुकान के सामने से गांव के जगदंबा सिंह, रामपाल सिंह, हरिओम व श्रीओम हाथों में तलवार और चाकू लेकर पहुंचे और ललकारा कि मारो महावीर को, इसने ही हरिगोविंद की हत्या की थी। आज बदला ले लो। यह कहते हुए उसके पिता को मारने लगे। चारों हमलावर वादी के पिता को मरणासन्न छोड़कर भाग गए। घायल की औरैया अस्पताल ले जाते समय मृत्यु हो गई। यह मुकदमा सत्र न्यायाधीश राजीव गोयल के समक्ष चला। अभियोजन की ओर से डीजीसी जितेंद्र सिंह तोमर व वरिष्ठ अधिवक्ता हृदय नारायण पांडेय ने चारों आरोपियों को हत्या का दोषी मानते हुए कठोर दंड देने की बहस की। वहीं बचाव पक्ष ने उन्हें निर्दोष बताया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव गोयल ने चारों अभियुक्त जगदंबा सिंह, रामपाल सिंह पुत्र मिजाजी लाल, हरीओम, श्रीओम पुत्र विद्याधर निवासी नवादा खाम को 302 में आजीवन कारावास, 40-40 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अभियुक्त जगदंबा सिंह, हरिओम व श्रीओम को आयुध अधिनियम में एक वर्ष की कैद तथा दस हजार अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड में आधी धनराशि बतौर प्रतिकर मृतक की विधवा अथवा परिवादी को देने का आदेश दिए। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।