पुलिस ने एक साल पहले अपहरण और हत्या के मामले का मंगलवार को खुलासा कर दिया। पांच लाख रुपये फिरौती न देने पर बदमाश युवक की हत्या कर शव कुएं के पास फेंक कर भाग गए थे। पुलिस ने सदर कोतवाली के फफूंद चौराहे से आरोपी को गिरफ्तारी कर लिया है। वह कानपुर का निवासी और उन्नाव का वांटेड है।
सदर कोतवाली में सीओ सिटी भास्कर वर्मा ने बताया कि फफूंद थाना क्षेत्र के गांव गमनामऊ निवासी मुंशीलाल कठेरिया ने 25 नवंबर 2016 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका पुत्र आनंद कुमार व गांव का विजय सिंह बाइक से 24 नवंबर को दिबियापुर शादी समारोह में शामिल होने गए थे। वहां से लौटते समय हरीराम विद्यालय के पास तीन लोगों ने रस्सी डालकर गिरा दिया। उसका पुत्र आनंद गाड़ी के नीचे दबे गया।
विजय सिंह ने भाग कर गांव में सूचना दी। अपहरणकर्ताओं ने आनंद के मोबाइल से पिता और रिश्तेदारों को फोनकर पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी। पुलिस ने मोबाइल नंबर सर्विलांस में लगाकर युवक को तलाश करने का प्रयास किया। पहले मोबाइल की लोकेशन फफूंद फिर उन्नाव मिली। 30 नवंबर को हत्यारों ने आनंद का शव गांव के कुएं के पास फेंक दिया।
विवेचना में कानपुर नगर के काजीखेड़ा हरजेंदर नगर निवासी मनीष राजपूत का नाम प्रकाश में आया। सीओ ने बताया कि मनीष के विरुद्ध 18 जुलाई 2017 को न्यायालय की ओर से जारी धारा 82 सीआरपीसी की तामील की गई थी। अभियुक्त की गिरफ्तारी न होने के कारण एसपी संजीव त्यागी ने 2500 रुपये का इनाम घोषित किया था।
मंगलवार को मुखबिर की सूचना पर मनीष राजपूत को फफूंद थानाध्यक्ष अनिल पांडेय ने शहर के फफूंद चौराहे से गिरफ्तार कर लिया है। मनीष पर उन्नाव के सफीपुर में हत्या का मामला दर्ज है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
पुलिस ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी औरैया, कन्नौज, उन्नाव, कानपुर नगर, कानपुर देहात में कई घटनाएं कर चुका है।