इंदिरानगर भट्ठा बस्ती निवासी आरती हत्याकांड की आरोपी मृतका की बुआ अनीता दोहरे का ठीकठाक आपाराधिक इतिहास है। उस पर हत्या और मारपीट के कई मुकदमे दर्ज है। वह नशीला पदार्थ रखने में दो बार जेल भी जा चुकी है। इसके अलावा वह राजनीति में दखत रखती है। बीते साल वह जिला पंचायत सदस्य का चुनाव भी लड़ चुकी है। हालांकि उसे हार का मुंह देखना पड़ा था। फिलहाल पुलिस आरोपी का आपराधिक रिकार्ड खंगालने में जुटी है।
अपनी भतीजी आरती हत्याकांड में षणयंत्रकारी के रूप में प्रकाश में आई अनीता दोहरे का आपराधिक रिकार्ड बहुत पुराना है। दिबियापुर थाना पुलिस के अनुसार नवंबर 2015 में अनीता को नशीली गोलियों के साथ पकड़कर जेल भेजा गया था। वर्ष 2004 में जीआरपी कानपुर ने नशीला पदार्थ रखने के आरोप में जेल भेजा था। गाजियाबाद में वर्ष 2006 में हत्या में भी अनीता को आरोपी बनाया गया था। दिबियापुर थाने में वर्ष 2011 में मारपीट का मुकदमा दर्ज है।
वहीं बीते साल दिबियापुर नगर पंचायत के नामित सभासद श्रीकृष्ण पिछड़ा ने अनीता के खिलाफ मारपीट करने एवं फायरिंग की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अनीता दोहरे राजनैतिक महत्वाकांक्षा के चलते अक्टूबर 2015 में जिला पंचायत सदस्य का चुनाव भाग्यनगर से लड़ी थी। परंतु उसे हार का मुंह देखना पड़ा। सीओ सुभाष अत्री का कहना है कि जल्द अनीता दोहरे की गिरफ्तारी की जाएगी।
आज फोरेंसिक जांच को जाएंगे कपड़े
आरती की हत्या से पहले दुष्कर्म की आशंका के चलते उसके कपड़ों को मंगलवार को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। सीओ सुभाष अत्री के अनुसार दिबियापुर थानाध्यक्ष संतोष मिश्रा के थाने पर न होने के कारण कपड़ों को फोरेंसिक जांच के लिए नहीं भेजा जा सका। मंगलवार को कपड़े फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिए जाएंगे।