उरई। दूध दही में मिलावट पर जिले के दो विक्रेताओं को सीजीएम कोर्ट ने सजा सुनाई। दोनों पक्षों की सुनवाई व खाद्य विभाग की अच्छी पैरवी पर सीजीएम ने दूध व दही विक्रेता को एक-एक वर्ष के कारावास के साथ 2-2 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इस कार्रवाई से मिलावटखोरों में हड़कंप है।
खाद्य विभाग में सालों से कई मामले लंबित पड़े हैं। शासन के निर्देश पर खाद्य विभाग इस समय पुराने लंबित मामलों में तेजी से पैरवी कर मिलावटखोरों को सजा दिलाने का अभियान चला रहा है।
मिलावटखोरों को सख्त सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे विशेष पैरवी अभियान के क्रम में शुक्रवार को विभाग को बड़ी कामयाबी मिली। जब 1992 व 94 के दो मामले सीजीएम कोर्ट गुलामे मुस्तफा ने मिलावटखोरों को कड़ी सजा सुनाई।
खाद्य विभाग की डीओ डा. प्रियंका सिंह ने बताया कि 30 मई को तत्कालीन खाद्य निरीक्षक मातादीन ने राठ रोड से महिपाल सिंह पुत्र सुमेरचंद्र की दुकान से दही का नमूना लिया था।
इसके साथ 17 अप्रैल 92 को जगनेवा के दूध विक्रेता राम खिलावन पुत्र रामदीन की दुकान से तत्कालीन खाद्य निरीक्षक ने दूध का नमूना लिया था। दोनों नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। नमूने फेल होने पर दोनों विक्रेताओं के खिलाफ सीजीएम कोर्ट में मामला दर्ज कराया गया था।
सीजीएम कोर्ट ने सुनाया फैसला, 2-2 हजार का जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो