अमर उजाला ब्यूरो
औरैया। ओपन सत्र न्यायाधीश लल्लू सिंह ने बंगरा गांव थाना माधोगढ़ जिला जालौन निवासी इरशाद को लूट के मामले में दोषी मानते हुए दस साल की कारावास व पचास हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
भर्रापुर गांव थाना फफूंद निवासी रामेंद्र कुमार त्रिपाठी ने 23 जुलाई 2005 थाना फफूंद में रिपोर्ट लिखाई थी कि वो और उसका मित्र लाल सिंह कुशवाहा निवासी भर्रापुर शाम साढ़े सात बजे फफूंद से अपने बाइक से जा रहे थे। रास्ते में दो बदमाशों ने उनकी लाठी-डंडों से पिटाई कर दी। जिससे वह बेहोश हो गया। पुलिस की विवेचना में बंगरा गांव थाना माधौगढ़ जिला जालौन निवासी इरशाद पुत्र मुन्ना खां के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया गया। इरशाद को लूटी हुई बाइक के साथ गिरफ्तार किया गया था।
कोर्ट ने माना कि दोषी इरशाद आपराधिक गतिविधिक विशेषकर लूट की घटनाओं से जुड़ा हुआ है। तथा उसने यह अपराध जानबूझ कर सुनियोजित ढंग से आर्थिक लाभ के लिए किया है। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी संजय श्रीवास्तव व रमेशचंद्र मिश्रा एवं बचाव पक्ष को सुनने के बाद एडीजे लल्लू सिंह ने अभियुक्त इरशाद को धारा 392 के अपराध के लिए दस वर्ष के कठोर कारावास व पचास हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न अदा करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। आरोपी को जिला कारागार भेज दिया गया है।