उरई। नवचेतना छात्रावास से लापता छात्र का शव मिलने के मामले में एसआर इंटर कॉलेज के प्रबंधक और हॉस्टल संचालक समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। रविवार को रिपोर्ट दर्ज न किए जाने पर परिजनों ने शहीद भगत सिंह तिराहे पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया था। इसके बाद पुलिस ने पिता की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
बता दें कि शहर के एसआर इंटर कॉलेज में पढ़ने वाला छात्र गौरव द्विवेदी (14) पुत्र रूपनारायण द्विवेदी निवासी ग्राम जलालपुर थाना रामपुरा विद्यालय के बगल में संचालित नवचेतना हॉस्टल में रहता था। 9 अगस्त की शाम वह हॉस्टल के बाहर खेलते समय अचानक लापता हो गया था। दूसरे दिन 10 अगस्त की सुबह अजनारी रोड स्थित रेलवे ट्रैक के किनारे गौरव का शव पड़ा मिला था।
इस मामले में गौरव के पिता रूपनारायण द्विवेदी ने अनिल कुमार सोनी और राजकुमार सोनी पुत्रगण भगवानदास सोनी निवासी कस्बा रामपुरा, हास्टल संचालक संतोष कुमार कुशवाहा और हॉस्टल के वार्डन कृष्णकुमार यादव के खिलाफ बेटे का अपहरण कर हत्या की तहरीर दी थी। मगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने छात्र की मौत को आत्महत्या दर्शाकर कोई कार्रवाई नहीं की।
काफी दिन तक यह मामला बिलकुल शांत रहा। लेकिन रविवार को ब्राह्मण एकता संघ के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में परिजन व ग्रामीण उरई पहुंचे और शहीद भगत सिंह तिराहे पर जाम लगाकर प्रदर्शन करने लगे। जाम की सूचना पाकर पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। परिजन व ग्रामीण आरोप लगा रहे थे कि पुलिस मामले को रफा दफा करने के लिए आत्महत्या बता रही है।
जबकि गौरव को हॉस्टल से अपहरण कर उसकी हत्या के बाद शव रेलवे लाइन के किनारे फेंका गया था। घंटों जाम के बाद पुलिस ने उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया तब कहीं जाकर जाम खुला था। इसके बाद पुलिस ने पिता रूपनारायण की तहरीर पर उक्त चारों लोगों के अलावा एसआर इंटर कॉलेज के प्रबंधक अशोक राठौर के खिलाफ भी अपहरण व हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है।
उरई इंस्पेक्टर देवेंद्र द्विवेदी का कहना है पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह ट्रेन से टकराना दर्शाया गया था। लेकिन परिजन हत्या का आरोप लगा रहे है। इसलिए हत्या और आत्महत्या दोनों ही पहलुओं पर जांच की जाएगी। वहीं आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी दबिश दी जा रही है।
-नौ अगस्त को हास्टल से लापता छात्र का शव मिलने का मामला
-रविवार को परिजनों व ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग कर लगाया था जाम
अमर उजाला ब्यूरो